राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने घोषणा की कि 1 जनवरी 2015 से खेती कर रहे ऐसे किसानों को भी पहचान पत्र दिया जाएगा, जिनका नाम भूमि रिकॉर्ड या फार्मर आईडी डेटाबेस में दर्ज नहीं है। ऑफलाइन भूमि सर्वेक्षण से करीब एक लाख किसानों को अलग से राहत मिलने की उम्मीद है।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 7 नवंबर। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के करीब 1.60 लाख किसानों को फार्मर आईडी देने का फैसला किया है। इनमें ऐसे किसान शामिल हैं, जो जमीन पर खेती कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम सातबारा उतारा यानी 7/12 भूमि रिकॉर्ड या फार्मर आईडी डेटाबेस में दर्ज नहीं है। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को नागपुर में इसकी घोषणा की।
सरकार के मुताबिक, यह फैसला उन किसानों को सरकारी योजनाओं और कृषि से जुड़े लाभों के दायरे में लाने के लिए लिया गया है, जो खेती करने के बावजूद आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं।
एक दस्तावेज से भी बन सकेगी फार्मर आईडी
राजस्व मंत्री ने बताया कि नई नीति के तहत ऐसे किसान पात्र होंगे, जो 1 जनवरी 2015 से खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके पास फार्मर आईडी नहीं है। उन्हें पहचान और खेती से जुड़ा कोई एक वैध सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
इस फैसले से विशेष रूप से उन आदिवासी किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जमीन आवंटित की गई है, लेकिन सरकारी भूमि रिकॉर्ड में अब तक उनके नाम दर्ज नहीं हो पाए हैं। ऐसे किसान फार्मर आईडी मिलने के बाद विभिन्न सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ लेने के लिए पात्र हो सकेंगे।
एक लाख किसानों के लिए ऑफलाइन भूमि सर्वेक्षण
सरकार ने उन क्षेत्रों में ऑफलाइन भूमि सर्वेक्षण कराने का भी फैसला किया है, जहां ऑनलाइन सर्वेक्षण की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लंबे समय से किसान इस तरह के सर्वेक्षण की मांग कर रहे थे। इस निर्णय से करीब एक लाख किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है।
भूमि रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने या सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण कई किसान सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। ऑफलाइन सर्वेक्षण से ऐसे मामलों को सुलझाने में मदद मिल सकती है।
दिवाली पर किसानों के साथ समय बिताएंगे मंत्री
बावनकुले ने यह भी बताया कि राज्य के मंत्री दिवाली के दौरान किसानों और उनके परिवारों के साथ त्योहार मनाएंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नागपुर जिले की काटोल तहसील के लोहारी सावंगा गांव में एक किसान परिवार के साथ दिवाली मनाएंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान कई वर्षों से लंबित एक सिंचाई परियोजना को मंजूरी मिलने की भी संभावना जताई गई है। मंत्री के अनुसार, इस परियोजना से करीब एक हजार किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है।
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