*कहा, कॉर्पोरेशन ने प्रस्ताव दोबारा पारित कर जनता की राय का सम्मान किया*
_“कॉर्पोरेशन की सीमा में आने वाले निवासियों को अब शहरों जैसी सुविधाएँ मिलेंगी”_
एस.ए.एस. नगर/मोहाली। 4 नवंबर:
सीनियर कांग्रेसी नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मोहाली म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा बलौंगी, बडमाजरा और टी.डी.आई. क्षेत्रों को कॉर्पोरेशन की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव दोबारा पारित करने का स्वागत किया है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि वह जनभावना का सम्मान करते हुए इस प्रस्ताव को तुरंत मंज़ूरी दे और इन क्षेत्रों को कॉर्पोरेशन में शामिल करने का नोटिफिकेशन जारी करे।
श्री सिद्धू ने आज जारी अपने एक प्रेस बयान में कहा कि वर्ष 2021 में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर प्रस्तावित सीमा विस्तार पर आपत्तियाँ आमंत्रित की थीं, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण यह प्रक्रिया रुक गई थी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने इस महत्वपूर्ण विषय को तीन वर्षों तक ठंडे बस्ते में डाल दिया, जिससे लोगों को न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अदालत के आदेशों के बाद जब सरकार को इस पर निर्णय लेने के लिए विवश होना पड़ा, तो उसने बलौंगी, बडमाजरा और टी.डी.आई. को बाहर रखकर अधूरा नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
कांग्रेसी नेता ने बताया कि 2021 में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ-साथ बडमाजरा और बलौंगी की पंचायतों ने भी अपने प्रस्ताव पारित कर इन गाँवों को कॉर्पोरेशन में शामिल करने की सहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि निजी डेवलपर्स — विशेषकर टी.डी.आई. के निवासियों की सभी रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) ने भी बेहतर सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए इन क्षेत्रों को कॉर्पोरेशन में शामिल करने की माँग की थी।
श्री सिद्धू ने हलका विधायक कुलवंत सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने निजी, व्यावसायिक और राजनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए पहले तीन वर्षों तक इस मामले पर कोई कार्यवाही नहीं होने दी। लेकिन जब अदालत के आदेशों पर आम आदमी पार्टी सरकार को कार्रवाई करनी पड़ी, तो उन्होंने कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव में शामिल बलौंगी, बडमाजरा और टी.डी.आई. जैसे क्षेत्रों को बाहर करवा कर जनता की राय का अपमान किया।
कांग्रेसी नेता ने कहा कि म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन की सीमा में आने के बाद इन क्षेत्रों का बहुआयामी विकास होगा और निवासियों को शहरी स्तर की सभी सुविधाएँ प्राप्त होंगी। उन्होंने कहा कि चूँकि इस क्षेत्र की पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं ने कॉर्पोरेशन में शामिल होने के पक्ष में अपने प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजे हैं, इसलिए उन्हें मंज़ूरी देना अब सरकार का दायित्व बनता है।