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चंडीगढ़ सुशासन का एक मॉडल बनकर उभर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में कर रहा उल्लेखनीय प्रगति : गुलाब चंद कटारिया

फरीदाबाद/चंडीगढ़, 17 नवंबर। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह ने सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनज़ेडसी) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा आयोजित की गई तथा हरियाणा सरकार द्वारा इसकी मेजबानी की गई। बैठक में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों; दिल्ली एवं लद्दाख के उपराज्यपालों; चंडीगढ़ के प्रशासक सहित सदस्य राज्यों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया। यहां प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ सुशासन का एक मॉडल बनकर उभर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। 
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गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने फरीदाबाद (हरियाणा) में उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की
 
 
फरीदाबाद/चंडीगढ़, 17 नवंबर। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री, श्री अमित शाह ने सोमवार को हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद (एनज़ेडसी) की 32वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक गृह मंत्रालय के अंतर-राज्य परिषद सचिवालय द्वारा आयोजित की गई तथा हरियाणा सरकार द्वारा इसकी मेजबानी की गई। बैठक में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों; दिल्ली एवं लद्दाख के उपराज्यपालों; चंडीगढ़ के प्रशासक सहित सदस्य राज्यों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और अंतर-राज्य परिषद सचिवालय के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों ने भाग लिया। यहां प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ सुशासन का एक मॉडल बनकर उभर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। 
 
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, तथा यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव श्री एच.राजेश प्रसाद ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में चंडीगढ़ के गृह सचिव श्री मनदीप सिंह बराड़; डीजीपी चंडीगढ़ श्री सागर प्रीत हुड्डा तथा अतिरिक्त सचिव (गृह) श्री अमित कुमार भी उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत 10 नवंबर को लालकिले के पास हुए विस्फोट में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखकर की गई।
 
परिषद ने राष्ट्रीय व क्षेत्रीय महत्व के प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और प्राथमिकता वाले 27 एजेंडा बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें से 13 बिंदु यूटी चंडीगढ़ से संबंधित थे। इन विषयों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध लैंगिक अपराधों से संबंधित मामलों की त्वरित जांच व निस्तारण (विशेष फास्ट ट्रैक न्यायालयों के सुदृढ़ीकरण सहित); आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली ईआरएसएस-112 का प्रभावी क्रियान्वयन; ग्रामीण एवं डाक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार; तथा वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के अनुपालन जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके अतिरिक्त शहरी नियोजन, विद्युत क्षेत्र की चुनौतियाँ, खाद्य सुरक्षा, बालिकाओं में कुपोषण, आयुष्मान भारत–पीएमजेएवाई, विद्यालय ड्रॉपआउट दर में कमी, तथा ‘सहकार–से–समृद्धि’ पहल जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई और इनके समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना पर जोर दिया गया।
 
बैठक के दौरान चंडीगढ़ के प्रशासक, श्री गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ तीनों नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने वाला पहला केंद्रशासित प्रदेश है तथा सुधारित व्यवस्था के तहत 91% का उत्कृष्ट दोषसिद्धि दर हासिल किया गया है। विद्युत क्षेत्र में यूटी ने अपने बिजली वितरण नेटवर्क का सफलतापूर्वक निजीकरण कर पारदर्शिता और कार्यकुशलता सुनिश्चित की है।
 
प्रशासक ने यह भी रेखांकित किया कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘प्रचेष्टा-1’ श्रेणी में चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता घोषित किया गया है। खेल क्षेत्र में भी प्रशासन द्वारा पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक की सम्मान राशि तथा दिव्यांग खिलाड़ियों को विशेष सहायता प्रदान की जा रही है, जो समावेशिता, उत्कृष्टता और समग्र विकास के प्रति यूटी चंडीगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने साझा किया कि चंडीगढ़ का वन आवरण 47% से बढ़कर 51.4% हो गया है।
 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत टीम भारत की अवधारणा को दोहराते हुए परिषद ने कहा कि ज़ोनल काउंसिल सहकारी संघवाद को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि ये राज्यों और केंद्र के बीच संवाद, समन्वय और सहमति निर्माण के लिए एक सुदृढ़ मंच उपलब्ध कराती हैं।
 
बैठक ने केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच बेहतर तालमेल को बढ़ावा दिया तथा प्रगति की समीक्षा, बाधाओं की पहचान और समयबद्ध कार्रवाई योजनाओं के निर्माण पर जोर दिया, जिसमें अंतर-मंत्रालयी समन्वय और मजबूत निगरानी तंत्र को प्राथमिकता दी गई। 
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