आउटसोर्स में हर जगह घोटाला करने की नीयत से हो रहा है एजेंसियों का चयन
शिमला। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का हर कदम प्रदेश के युवाओं के साथ धोखा है। अब सरकार आउट सोर्स पर बिजली मित्र रखने का मन बना रही है। पहली कैबिनेट में एक लाख सरकारी नौकरी और 5 लाख रोजगार देने की गारंटी देकर सत्ता में आई सरकार मित्र योजना के तहत प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने के बजाय उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सत्ता में आने के बाद से कांग्रेस द्वारा इसी तरह नौकरी के नाम पर “मित्र योजना” चलाई जा रही है और उन्हें नाम मात्र का मानदेय दिया जा रहा है। जबकि मुख्यमंत्री के अपने मित्रों को पूरा आनंद है। उन्हें हर तरीके से सरकार सभी सुविधाएं मुहैया करवा रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार कोई भी पक्की नौकरी नहीं दे रही है और युवाओं को आउटसोर्स पर बेहद कम मानदेय पर नौकरी देने के प्रावधान आए दिन करती है। वह नौकरी आउटसोर्स पर देने की बात सरकार करती है लेकिन आउटसोर्स पर नौकरी देने में भी सरकार की मंशा में खोट है। सरकार ने अपने खास लोगों को आउटसोर्स कंपनियां खोलने का निर्देश पहले दिया था। और आउट सोर्स की नौकरियों के नाम पर एक गिरोह पैसे की वसूली में लगा हुआ था। उस गिरोह के लोग मुख्यमंत्री के बेहद नजदीकी लोग थे। हमने पहले भी यह मुद्दा उठाया था और सरकार तथा प्रदेश के लोगों को आगाह भी किया था कि ऐसे ठेकेदारों से बचें। इन गिरोह के ठेकेदारों पर सरकार का संरक्षण अभी भी जारी हैं। इसी कारण सरकार के संरक्षण में बनी आउटसोर्स एजेंसियों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि “स्वमित्र हितैषी” सुख की सरकार प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय करना बंद करें। अपनी चुनावी गारंटियों का ध्यान रखें। जो वादा प्रदेश के युवाओं से चीख़–चीख कर किया गया था किया गया था मुख्यमंत्री को उन्हें चुपचाप पूरा करना चाहिए। मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों में मित्र योजना चलाकर युवाओं के साथ छलावा करना बंद करें और युवाओं को अपनी गारंटी और वादे के मुताबिक ठूँजा साल वाली पक्की नौकरी दें।