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हम एकजुट हैं : धामी-बलूनी-त्रिवेंद्र की डिनर पर मुलाकात, एक टेबल पर बैठे और कील-कांटे दुरस्त

उत्तराखंड प्रदेश के अन्य सांसदों को रखा इस आयोजन से दूर

एस पी अरोड़ा

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के उत्तराखण्ड दौरे से पहले भाजपा ने अपने सभी कील कांटे दुरस्त कर लिए। काफी लंबे अर्से बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व सांसद सीएम आवास पहुंचे और साथ साथ डिनर किया।

27 मई की रात सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं को शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। स्मृति चिन्ह के तौर पर पौधे भी पकड़ाए। फिर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व संगठन महामंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के त्रिदिवसीय दौरे के बिंदुओं पर चर्चा की गई।

बीते बुधवार की रात्रि के डिनर में भाजपा नेताओं ने मंद मंद मुस्कान के साथ अपने अपने मन की भी कही।

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गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व ही भाजपा विधायक अरविंद पांडे के गूलरभोज स्थित आवास में सांसद अनिल बलूनी और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र की आमदरफ्त के बाद राजनीतिक गलियारों में पार्टी की कलह की कहानी सिर चढ़कर बोलने लगी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से ठीक पूर्व हुए इस राजनीतिक मूव ने भाजपा समेत विपक्षी दलों में भी नयी बहस को जन्म दे दिया।

इस मुलाकात को सोशल मीडिया में विशिष्ट स्थान भी मिला। अरविंद पांडे के समर्थक और विरोधियों ने अपने अपने तर्क गढ़े और ललकार भरे गानों का उपयोग करते हुए कई वीडियो वॉयरल किए। इस दौरान पूर्व सीएम त्रिवेंद्र ने पत्रकार हेम भट्ट से जुड़े मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा दिए।

मौके की नजाकत देखते हुए खंड-खंड में बंटी कांग्रेस ने भी भाजपा की गुटबाजी पर चुटकी लेनी शुरू कर दी। दिल्ली तक भाजपा के कान खड़े हो गए। पार्टी के अंदरूनी दबाव को भांपते हुए तत्काल दोनों सांसदों और सीएम धामी की बैठक की कार्ययोजना फाइनल की गई। इस बीच, सीएम धामी दिल्ली व प्रदेश के कार्यक्रम निपटा कर 27 मई की शाम देहरादून में लौट आये। रात को लगभग दो घण्टे तक डिनर के साथ साथ कई मुद्दों पर चर्चा की।


सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने धामी-त्रिवेंद्र-बलूनी को साथ साथ बैठने को कहा था। ताकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे से ठीक पहले फैल रहे रायते को समेट लिया जाय।लेकिन पार्टी के अन्य सांसदों को इस बैठक में नहीं बुलाया गया। इससे साफ जाहिर है कि भाजपा नेतृत्व इन तीनों नेताओं को ही एक मंच पर लाना चाहता था।
इस अहम मुलाकात की वजह भाजपा नेता नितिन नवीन के दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप देना बताया भी जा रहा है।

साफ है कि इन तीनों नेताओं ने डिनर की टेबल पर अपने अपने मन की भी कही। अब यह मुलाकात कितनी असरकारी होगी, यह तो समय बताएगा। लेकिन इस अहम संवाद के बाद भाजपा नेतृत्व ने भी राहत की सांस ली होगी। अगर आने वाले दिनों में भाजपा की गुटीय जंग में विराम लगता नजर आता है तो ये भाजपा नेतृत्व के लिए बेहद सुकून भरी खबर होगी।

 

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