Vibrant Gujarat Summit 2027 का आयोजन 10 से 12 जनवरी तक गांधीनगर में होगा
समिट में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और ग्रीन ग्रोथ जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 31 अगस्त | गुजरात में 11वें Vibrant Gujarat Summit 2027 की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
यह वैश्विक आयोजन 10 से 12 जनवरी तक गांधीनगर में आयोजित किया जाएगा।
इस बार समिट की थीम ‘विकसित गुजरात–वैश्विक भविष्य को आकार देना’ रखी गई है।
नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिट की योजनाओं की जानकारी दी गई।

Vibrant Gujarat Summit 2027 की तैयारियां
मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गुजरात की विकास रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि राज्य को देश के विकास के प्रमुख केंद्रों में स्थापित करने का लक्ष्य है।
उनके अनुसार, गुजरात निवेश के साथ ज्ञान और तकनीकी सहयोग का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों के अनुसार औद्योगिक ढांचे को मजबूत कर रही है।
वाइब्रेंट गुजरात समिट की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई थी।
इसका उद्देश्य दुनिया के निवेशकों को गुजरात के औद्योगिक अवसरों से जोड़ना था।
Green Hydrogen और भविष्य के उद्योगों पर फोकस
इस बार समिट में कई उभरते क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया जाएगा।
सेमीकंडक्टर, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रमुख चर्चा विषय होंगे।
Green Hydrogen और ग्रीन एनर्जी से जुड़े निवेश अवसरों पर भी ध्यान रहेगा।
राज्य सरकार भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां तैयार कर रही है।
उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने पर भी सरकार का जोर रहेगा।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार जारी है।
Semiconductor को उभरते क्षेत्र के रूप में प्राथमिकता

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने इसे तेजी से उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल बताया।
गुजरात निवेशकों और उद्यमियों के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
तकनीक और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को भी समिट के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सरकार इन क्षेत्रों में नई साझेदारियों और निवेश को बढ़ावा देना चाहती है।
Global Partnership के लिए व्यापक मंच
वाइब्रेंट गुजरात समिट अब केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है।
यह सरकारों, कंपनियों, निवेशकों और उद्यमियों के बीच संवाद का मंच बन चुका है।
समिट में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और इनोवेटर्स की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी।
बिजनेस नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को स्थानीय औद्योगिक इकोसिस्टम से जोड़ना है।
रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नए आर्थिक अवसर तैयार करने की योजना है।
Gujarat Economy और निवेश से जुड़े आंकड़े

मुख्य सचिव एम.के. दास के अनुसार गुजरात की अर्थव्यवस्था में बड़ा विस्तार हुआ है।
वर्ष 2002-03 में राज्य की अर्थव्यवस्था लगभग 1.42 लाख करोड़ रुपये थी।
वर्तमान में गुजरात की अर्थव्यवस्था लगभग 27 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
राज्य देश की जीडीपी और मैन्युफैक्चरिंग उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
गुजरात ने अब तक बड़ी मात्रा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित किया है।
राज्य के बंदरगाह देश के कार्गो संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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