Follow

उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक चेतना और सेवा भाव से है : विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना

न्यूज़म ब्यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि राज्य को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) तथा विधानमंडलों के सचिवों के 62वें सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र की गरिमा, विधायी मर्यादाओं और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है।

विधानसभा अध्यक्ष ने सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और संरक्षण में उत्तर प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का विशेष स्वागत करते हुए कहा कि संसदीय नवाचारों, तकनीकी समावेशन और लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त करने में उनका योगदान देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहनीय है।

महाना ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय सहित देशभर से पधारे सभी पीठासीन अधिकारियों, उप पीठासीन अधिकारियों, सचिवों एवं प्रतिनिधियों का हार्दिक अभिनंदन किया। 

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक चेतना और सेवा भाव से है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विगत वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और निवेश वातावरण में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिससे प्रदेश की छवि राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सशक्त हुई है।

Advertisement

उन्होंने कहा कि विधायिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के प्रति जवाबदेही है। संविधान ने विधायिका को व्यापक अधिकार दिए हैं, लेकिन उनके साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया—सभी लोकतंत्र के स्तंभ हैं और अपनी-अपनी सीमाओं में रहकर परस्पर सहयोग, सम्मान और संतुलन से ही लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है।

महाना ने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विधायिका की जनता के प्रति जिम्मेदारी, प्रभावी संसदीय कार्यप्रणाली, तथा डिजिटल तकनीक और नवाचारों के जनहित में उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होगी। इन विचार-विमर्शों से निकले निष्कर्ष देश की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सम्मेलन के अवसर पर विधान भवन में आयोजित लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से उत्तर प्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपरा, लोकतांत्रिक यात्रा और संवैधानिक विकास को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। अंत में महाना ने प्रधानमंत्री द्वारा भेजे गए संदेश का उल्लेख करते हुए सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि यह सम्मेलन सार्थक, उद्देश्यपूर्ण और ऐतिहासिक सिद्ध होगा।

 

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
Tap to Refresh