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न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश कार्यालय, सेक्टर 33 स्थित कमलम में केंद्रीय बजट 2026–27 को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री तथा उत्तरी गोवा के लोकसभा सांसद श्रीपद येसो नाइक ने संबोधित किया। इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री संजीव राणा, मीडिया प्रभारी रवि रावत, डॉ. धीरेंद्र तायल तथा प्रोफेशनल सेल के संयोजक राकेश भल्ला भी उपस्थित रहे।

प्रेस वार्ता के उपरांत प्रोफेशनल्स और युवा वर्ग के साथ केंद्रीय बजट को लेकर एक विशेष बैठक आयोजित की गई। प्रोफेशनल सेल के प्रभारी राकेश भल्ला ने बजट पर अपने विचार रखे, जबकि युवा मोर्चा की ओर से समीर गुप्ता ने युवाओं के दृष्टिकोण से बजट की सराहना की। युवा मोर्चा प्रभारी रमेश सहोड, अभय झा, प्रिया पासवान सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बजट है, जो विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों का विज़न, पाँच वर्षों का रोडमैप और वर्ष 2026–27 की ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करता है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बजट है, जो विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों का विज़न, पाँच वर्षों का रोडमैप और वर्ष 2026–27 की ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट तीन राष्ट्रीय कर्तव्यों से प्रेरित है—आर्थिक विकास को गति देना और उसे स्थायी बनाना, युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए उनकी क्षमता का निर्माण करना, तथा सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने यह सिद्ध किया है कि राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता साथ-साथ चल सकते हैं। उन्होंने बताया कि बजट में राजकोषीय घाटे को GDP के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो आर्थिक स्थिरता का संकेत है।

मध्यम वर्ग को राहत देते हुए ₹12 लाख तक की आय पर शून्य कर, सरल आयकर रिटर्न प्रणाली, शिक्षा और चिकित्सा के लिए TCS में कमी तथा कैंसर और दुर्लभ रोगों की दवाओं पर शुल्क छूट जैसे निर्णय लिए गए हैं।
युवाओं के लिए बजट में कौशल विकास को जिला स्तर तक ले जाने, पाँच विश्वविद्यालय-नगर क्लस्टर, स्टार्टअप को प्रोत्साहन, खेलो इंडिया मिशन का विस्तार तथा 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है।
महिलाओं के लिए SHE-MART जैसे प्रावधान, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन और प्रत्येक जिले में कामकाजी महिलाओं व छात्राओं के लिए छात्रावास की व्यवस्था महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देगी।

किसानों के लिए उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा, जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास, सहकारी समितियों को कर-छूट तथा AI आधारित प्लेटफॉर्म जैसे कदम कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाएंगे।
MSME क्षेत्र के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड, अतिरिक्त पूंजी और बड़े वैल्यू-चेन से एकीकरण जैसे उपाय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से रेल, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक कॉरिडोर और जलमार्गों को अभूतपूर्व गति मिलेगी। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और सात समर्पित कार्गो कॉरिडोर से लॉजिस्टिक लागत घटेगी और व्यापार सुगमता बढ़ेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में 17 कैंसर दवाओं पर शुल्क छूट, पाँच क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र, जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर क्षमता बढ़ाने तथा आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जैसी घोषणाएं आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करेंगी।
समापन में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट 2026–27 केवल संख्याओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का रोडमैप है, जो युवाओं को अवसर, महिलाओं को नेतृत्व, किसानों को समृद्धि, उद्योगों को प्रतिस्पर्धा और देश को आत्मनिर्भरता प्रदान करेगा।
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