तृप्ति भटनागर
उज्जैन, 15 मई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह रामघाट पहुंचकर सिंहस्थ-2028 को लेकर चल रहे निर्माण और चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Simhastha Kumbh Mela 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल मध्य प्रदेश ही, नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

रामघाट पर व्यवस्थाओं को बनाया जा रहा बेहतर
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि रामघाट उत्तरवाहिनी शिप्रा का सबसे पवित्र स्नान स्थल माना जाता है और सिंहस्थ के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए घाट क्षेत्र में चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा और स्वच्छता के बेहतर इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
“सिंहस्थ-2028 पूरे प्रदेश के गौरव का विषय”
Mohan Yadav ने कहा कि सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम जनता एकजुट होकर उज्जैन के विकास में सहयोग कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगा है।
सभी धर्मों के लोगों की पहल को बताया सराहनीय
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उस पहल की सराहना की, जिसमें विभिन्न धर्मों के लोगों ने विकास कार्यों के लिए अपने देवस्थानों को हटाने में स्वेच्छा से सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि यह उज्जैन की सामाजिक समरसता और विकास के प्रति लोगों की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जब जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधि एक भावना के साथ काम करते हैं, तब बड़े बदलाव संभव होते हैं।
सिंहस्थ-2028 को लेकर शहर में तेजी से विकास कार्य
Simhastha Kumbh Mela 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में कई बड़े विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, घाटों का विस्तार, यातायात व्यवस्था में सुधार, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है।
सरकार का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया स्वरूप
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत हो रहे विकास कार्यों से उज्जैन की धार्मिक और पर्यटन पहचान को और मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा:
- निर्माण कार्य समयसीमा में पूरे किए जाएं
- श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे
- घाटों पर स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो
- यातायात और पार्किंग व्यवस्था बेहतर बनाई जाए
- विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो
उज्जैन में दिख रहा सामूहिक विकास का मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में विकास कार्यों को लेकर जिस तरह प्रशासन, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मिलकर काम कर रहे हैं, वह पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।
उन्होंने विश्वास जताया कि सिंहस्थ-2028 मध्य प्रदेश के इतिहास का सबसे भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन साबित होगा।

