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इटली-आधारित मलकीत सिंह की हत्या में शामिल दो केएलएफ गुर्गे अमृतसर से गिरफ्तार; पांच हथियार बरामद

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने इटली-आधारित मलकीत सिंह की हत्या में शामिल दो आरोपियों को अमृतसर के राजा सांसी क्षेत्र से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
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— गिरफ्तार आरोपी बिक्रमजीत 2018 में राजा सांसी स्थित एक धार्मिक स्थल पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था: डीजीपी गौरव यादव
 
— पंजाब पुलिस ने इन गिरफ्तारियों के साथ राज्य में सनसनीखेज अपराधों की साजिश को नाकाम किया: डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल
 
— आगे की जांच जारी; आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां व बरामदगियां संभव: एसएसपी अमृतसर (ग्रामीण) मनिंदर सिंह
 
चंडीगढ़/अमृतसर, 8 नवंबर:
 
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने इटली-आधारित मलकीत सिंह की हत्या में शामिल दो आरोपियों को अमृतसर के राजा सांसी क्षेत्र से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पांच आधुनिक हथियार बरामद किए हैं। यह जानकारी आज यहां पंजाब पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
 
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान बिक्रमजीत सिंह उर्फ बिक्रम, निवासी गांव धारीवाल, अमृतसर, और करणबीर सिंह, निवासी गांव सैसरा कलां, अमृतसर के रूप में हुई है। बरामद हथियारों में एक विदेशी .30 बोर पी एक्स5 पिस्तौल, एक .30 बोर पिस्तौल, एक विदेशी .45 बोर पिस्तौल, एक .32 बोर पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और 20 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
 
जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर 2025 की शाम करीब 7 बजे मलकीत सिंह अपने पिता के साथ गांव धारीवाल में खेतों में गेहूं की बुवाई कर रहा था, तभी दो अज्ञात व्यक्तियों ने उस पर गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण मलकीत सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
 
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी बिक्रमजीत सिंह आतंकी संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) से जुड़ा हुआ है और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर विस्फोटक अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने आगे बताया कि बिक्रमजीत 2018 में राजा सांसी स्थित एक धार्मिक स्थल पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था।
 
डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर आरोपी बिक्रमजीत ने पंजाब में सनसनीखेज अपराधों को अंजाम देने के लिए सीमा पार से अवैध हथियार मंगवाए थे।
 
इस कार्रवाई के संबंध में और जानकारी साझा करते हुए डीआईजी बॉर्डर रेंज संदीप गोयल ने बताया कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर एसएसपी मनिंदर सिंह की निगरानी में अमृतसर ग्रामीण पुलिस टीमों ने आरोपी बिक्रमजीत को गांव धारीवाल स्थित गुरुद्वारा साहिब के पास से गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि बिक्रम के खुलासे के बाद दूसरे आरोपी करणबीर सिंह को कुकरांवाला के पास बस अड्डे से गिरफ्तार किया गया। इन पुलिस टीमों का नेतृत्व डीएसपी गुरिंदर नागरा कर रहे थे।
 
डीआईजी ने कहा कि केएलएफ के इन दो गुर्गों की गिरफ्तारी से पंजाब पुलिस ने राज्य में संभावित सनसनीखेज अपराधों की साजिश को नाकाम कर दिया है।
 
एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के अन्य नेटवर्क और कनेक्शनों का पता लगाने के लिए आगे जांच जारी है, ताकि पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगियां संभव हैं।
 
इस संबंध में केस अमृतसर ग्रामीण के थाना राजा सांसी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत एफआईआर नंबर 177, दिनांक 2/11/2025 दर्ज किया गया है।

 
 

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