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पदक कुछ क्षणों में गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

एशियाई खेलों में लोहा मनवाने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों का भिवानी में हुआ राज्यस्तरीय सम्मान

 

प्रदेश के 132 खिलाड़ियों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से किया सम्मानित

 

50 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी का भीम स्टेडियम होगा आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित: मुख्यमंत्री

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न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 30 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पदक कुछ क्षणों में खिलाड़ी के गले में डलता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए खिलाड़ी अपना जीवन लगा देता है। इन पदकों के पीछे वर्षों का अभ्यास, अनगिनत त्याग और हार के बाद फिर उठ खड़े होने का हौसला है। भिवानी की धरती पर आज गूंज रही तालियां सिर्फ पदकों के लिए नहीं, बल्कि उन अनगिनत वर्षों की तपस्या, त्याग और उस अटूट संकल्प के लिए भी हैं, जिसने भारत का तिरंगा एशिया के खेल मैदानों में ऊंचा किया है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को भिवानी के भीम स्टेडियम में आयोजित एशियाई खेलों एवं पैरा एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों के संयुक्त सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने भिवानी के विकास को गति देने के लिए 142 करोड़ रुपये की लागत की 8 परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया है। इनमें 133 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत के 6 उद्घाटन तथा 8 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 2 शिलान्यास शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज इन सितारों के बीच आकर उनका मन गर्व से भर गया है। उन्होंने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, गुरुजनों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ के त्याग एवं समर्पण का भी सम्मान है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत ने 85 पदक जीतकर चौथा स्थान प्राप्त किया। इसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 32 पदकों का योगदान दिया, जिनमें 14 स्वर्ण पदक शामिल हैं। यानी भारत के हर तीन स्वर्ण पदकों में से दो हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। इसी प्रकार, पैरा एशियाई खेलों में भारत ने 114 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हरियाणा के पैरा खिलाड़ियों ने 9 स्वर्ण सहित 31 पदक जीते, यानी देश के लगभग 30 प्रतिशत स्वर्ण पदक हमारे पैरा खिलाड़ियों के नाम रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेलों में हरियाणा के अनेक सितारे चमके। मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते। हमारी पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 का टिकट पक्का किया और इन टीमों की ताकत में हरियाणा के खिलाड़ियों का बड़ा योगदान है। कुश्ती में भारत का यह प्रदर्शन वर्ष 1962 के बाद एशियाई खेलों में सबसे बेहतरीन रहा। पैरा खेलों में सुमित अंतिल और प्रणव सूरमा की सुनहरी जीत ने पूरे देश को रोमांचित कर दिया।

भिवानी की धरती ने भारतीय मुक्केबाजी को दी पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी की धरती पर इस समारोह का विशेष महत्व है। ‘मिनी क्यूबा’ कहलाने वाले भिवानी ने भारतीय मुक्केबाजी को उसकी पहचान दी है। विजेंद्र सिंह, अखिल कुमार, जितेंद्र कुमार, नीतू घणघस, जैस्मिन लम्बोरिया, प्रीति पंवार, साक्षी चौधरी और प्रिया घणघस जैसे मुक्केबाजों ने दुनिया के मंच पर भिवानी का नाम रोशन किया है। इन सफलताओं के पीछे यहां के प्रशिक्षकों और उन परिवारों की साधना है, जिन्होंने खेतों में पसीना बहाते हुए भी बच्चों के सपनों को पंख दिए। परिस्थितियां आपकी शुरुआत तय कर सकती हैं, लेकिन आपकी मेहनत और संकल्प ही आपकी मंजिल तय करते हैं।

उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की खेल शक्ति किसी एक जिले या खेल तक सीमित नहीं है। कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स, शूटिंग और तीरंदाजी से लेकर पैरा खेलों तक हमारे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। हमारी बेटियां भी हर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, पदक जीत रही हैं और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

132 खिलाड़ियों को 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 132 खिलाड़ियों को कुल 189 करोड़ 38 लाख रुपये के नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही, पात्र खिलाड़ियों को हरियाणा की खेल नीति के अनुसार सरकारी नौकरियों के ऑफर लेटर भी दिए जा रहे हैं। खिलाड़ी जब देश का मान बढ़ाता है, तो देश और प्रदेश का भी दायित्व है कि उसके सम्मान, सुरक्षित भविष्य और सपनों की चिंता करें। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि ऐसे हर खिलाड़ी को सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी गई हैं। हाल ही में खेल ग्रेडेशन नीति में संशोधन किया गया है, जिसके तहत हरियाणा स्टेट गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी खेल ग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। इससे उन्हें सरकारी नौकरियों सहित अन्य अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को अग्रिम राशि देने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि पैसे की कमी किसी खिलाड़ी की ट्रेनिंग में बाधा न बने।

17 हजार 676 खिलाड़ियों को अब तक 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के योगदान का सम्मान केवल पदक जीतने पर पुरस्कार देने तक सीमित नहीं है। अवार्ड विजेता खिलाड़ियों के मासिक मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। अब खेल रत्न, द्रोणाचार्य, अर्जुन, ध्यानचंद तथा तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये और भीम अवार्ड विजेताओं को प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय दिया जा रहा है। आज के पुरस्कारों को मिलाकर अब तक प्रदेश के 17 हजार 676 खिलाड़ियों को कुल 931 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी सीधे पोडियम तक नहीं पहुंचता। उसकी यात्रा गांव की मिट्टी, स्कूल के मैदान और शुरुआती अभ्यास से शुरू होती है। इसी प्रतिभा को समय रहते पहचानने और तराशने के लिए प्रदेश में 2 हजार खेल नर्सरियां स्थापित की गई हैं। इनमें 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1 हजार 500 रुपये तथा 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2 हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। इसके अलावा, 25 आवासीय खेल अकादमियां खोली गई हैं, जहां खिलाड़ियों को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से डाइट मनी दी जा रही है।

खेलों के बुनियादी ढांचे पर खर्च किए 1 हजार 100 करोड़ रुपये

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रदर्शन के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं भी चाहिए। पिछले 12 वर्षों में खेलों के बुनियादी ढांचे पर लगभग 1 हजार 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। खेल विभाग का बजट वर्ष 2013-14 के 163 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 668 करोड़ 42 लाख रुपये किया गया है। खिलाड़ियों को चोट से उबरने और बेहतर प्रदर्शन के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं देने हेतु पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से ‘ए-स्टार’ उन्नत वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और रिकवरी को नई मजबूती प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खेल केवल शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि तकनीक, विज्ञान और रणनीति का भी मुकाबला है। वीडियो विश्लेषण, आधुनिक सेंसर, खेल-विज्ञान, सही पोषण और वैज्ञानिक रिकवरी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। पैरा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक कृत्रिम अंग, अनुकूलित उपकरण और सुलभ प्रशिक्षण सुविधाएं नई संभावनाएं खोलती हैं। सरकार का प्रयास है कि ये सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि हर मेहनती खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने खेलों को जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण का माध्यम बनाने पर जोर दिया है। खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों ने देश में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को आगे आने के अवसर देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा सरकार खेल नर्सरियों, प्रशिक्षण सुविधाओं, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन को मजबूत कर रही है।

हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़े, नशे से नहीं

मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि आज उनकी उपलब्धियां एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आई हैं। वे केवल पदक विजेता नहीं, बल्कि उन हजारों बच्चों के आदर्श हैं, जो उन्हें देखकर खेलों में अपना भविष्य तलाशते हैं। उनकी सफलता बच्चों को विश्वास दिलाती है कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। खेल का मैदान अनुशासन सिखाता है और नशे से दूर रखता है। आइए, संकल्प लें कि हरियाणा का हर युवा मैदान से जुड़ेगा, नशे से नहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद हरियाणा अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे करेगा और खिलाड़ियों से बड़ा उपहार प्रदेश को कोई नहीं दे सकता। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी हरियाणा के खिलाड़ियों का लोहा मानते हैं। जुलाई में जींद की धरती से उन्होंने विश्वास जताया था कि हरियाणा के बेटे-बेटियां हमेशा की तरह हर मंच पर परचम लहराएंगे। वर्ष 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा और 2036 के ओलंपिक की तैयारी में जुटा है। प्रधानमंत्री जी की इस उम्मीद को पूरा करने की जिम्मेदारी खिलाड़ियों के कंधों पर है और उन्हें हर सुविधा देने की जिम्मेदारी सरकार की है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि 2028, 2032 और 2036 के ओलंपिक में भी हरियाणा के खिलाड़ी भारत का तिरंगा ऊंचा करेंगे और प्रदेश का मान बढ़ाएंगे।

खिलाड़ी प्रदेश का गौरव और सरताज, उनकी उपलब्धियां दूसरे युवाओं के लिए बनेंगी प्रेरणा: श्रुति चौधरी

सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि भिवानी का भीम स्टेडियम केवल खेलों का मैदान नहीं, बल्कि उनके परिवार की यादों और क्षेत्र की खेल परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। उनके पिता चौधरी श्री सुरेंद्र सिंह ने इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी और वे यहां सुबह अभ्यास के लिए आया करते थे। आज इस स्टेडियम को खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और उपलब्धियों से नई पहचान दी है।

उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का भिवानी की धरती पर स्वागत करते हुए कहा कि यहां के खिलाड़ियों ने अनुशासन और कड़ी मेहनत के दम पर ग्रामीण स्तर से उठकर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है।

श्रुति चौधरी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि भीम स्टेडियम का और विस्तार किया जाए तथा यहां खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ी पहले ही अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं और अब वे दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं।

खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब, हरियाणा के खिलाड़ियों ने बदली पुरानी कहावत : गौरव गौतम

खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से पुरानी कहावत को बदलकर रख दिया है। पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे-कूदोगे बनोगे खराब, लेकिन आज हरियाणा के खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब। प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का तिरंगा लहरा रहे हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

खेल राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा के खेल इतिहास में पहली बार एक ही दिन में खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को ए, बी और सी ग्रेड की सरकारी नौकरियां देने का काम भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों के बीच कोई भेदभाव नहीं करती, बल्कि सभी को समान सम्मान और प्रोत्साहन दे रही है।

श्री गौरव गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मिशन ओलंपिक 2036 के तहत हरियाणा के खिलाड़ियों के लिए 36 पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। हरियाणा ऐसा पहला राज्य है, जिसने इस लक्ष्य को लेकर विशेष योजना शुरू की है। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता, 20 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, बेहतर कोचिंग और डाइट मनी जैसी सुविधाएं दे रही है। साथ ही खिलाड़ियों को पांच करोड़ रुपये तक के सब्सिडी वाले ऋण देने की व्यवस्था भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल नर्सरियों के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ रही है, वहीं केंद्र सरकार की टॉप्स योजना और खेलो इंडिया जैसी पहल भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर दे रही हैं। खेल राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री से भिवानी के भीम स्टेडियम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भिवानी की धरती ने नीतू, साक्षी, अखिल और विजेंद्र जैसे खिलाड़ी देश को दिए हैं, जिन्होंने दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सांसद श्री धर्मवीर सिंह, भिवानी के विधायक श्री घनश्याम सर्राफ, विधायक श्री कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक श्री उमेद सिंह पातूवास, पूर्व मंत्री श्री जेपी दलाल, खेल विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, निदेशक श्री पार्थ गुप्ता सहित गणमान्य मौजूद थे।

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