चार मामलों में एफआईआर दर्ज, 333 मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखित शिकायतें; अवैध विज्ञापन लगाने वालों पर सख्ती के निर्देश
न्यूज़म ब्यूरो
मुंबई, 17 अक्टूबर। मुंबई के सौंदर्यीकरण को बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत विज्ञापन बोर्ड, बैनर, फ्लेक्स तथा पोस्टर लगाने पर रोक लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की कार्रवाई जारी रहेगी। महानगरपालिका ने 1 जनवरी से 16 अक्टूबर 2026 के बीच मुंबई में कुल 52,448 बैनर, फ्लेक्स और पोस्टर हटाए हैं। वहीं, 8 से 16 अक्टूबर तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पूरे मुंबई से 3,537 अनधिकृत प्रचार सामग्री जब्त की गई। इसमें बैनर, बोर्ड, पोस्टर और झंडे शामिल हैं।
महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिड़े ने स्पष्ट किया कि मुंबई को अनधिकृत विज्ञापनों से मुक्त रखने के लिए यह अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साल के 365 दिन जारी रहेगा।
चार मामलों में एफआईआर, 333 मामलों में पुलिस को शिकायत
अनधिकृत विज्ञापन लगाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बीएमसी ने कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। महानगरपालिका के अनुज्ञापन विभाग की ओर से की गई शिकायतों के आधार पर पुलिस थानों में चार प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, 333 अन्य मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस थानों को लिखित शिकायतें भेजी गई हैं।
बीएमसी का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना और मुंबई के सार्वजनिक स्वरूप को बनाए रखना है।
महापौर की ‘फ्लेक्समुक्त मुंबई’ मुहिम
17 अक्टूबर 2026 को वर्ली स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में महानगरपालिका के विभिन्न विभागों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को अभियान प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि मुंबई के विद्रूपीकरण को रोकने के लिए महापौर रितु तावड़े ने ‘शाडू बाप्पा दस दिन, फ्लेक्समुक्त मुंबई 365 दिन’ अभियान की घोषणा की है। महापौर स्वयं सड़कों पर उतरकर अनधिकृत फ्लेक्स, बैनर, पोस्टर और स्टिकर हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।
आयुक्त ने अनुज्ञापन विभाग, परिरक्षण विभाग, अतिक्रमण निर्मूलन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुंबई को अनधिकृत विज्ञापनों से मुक्त रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी आवश्यक है।
शिकायत मिलने पर तुरंत हटाए जाएंगे अवैध विज्ञापन
आयुक्त ने निर्देश दिया कि नागरिकों से अनधिकृत विज्ञापन बोर्डों के संबंध में शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई कर उन्हें हटाया जाए। अभियान को पूरे वर्ष जारी रखने की योजना बनाई गई है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति विज्ञापन लगाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
इसके साथ ही भविष्य में विज्ञापन बोर्डों को आधिकारिक अनुमति देने के साथ उनकी वैधता की आसानी से जांच करने के लिए क्यूआर (QR) कोड अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इससे अधिकृत और अनधिकृत विज्ञापन बोर्डों की पहचान करना आसान होने की उम्मीद है।
भिड़े ने बिना अनुमति विज्ञापन सामग्री छापने वाले प्रिंटरों और विज्ञापन एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
नियम तोड़ने वालों को जेल और जुर्माने का प्रावधान
आयुक्त ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत बैनर, पोस्टर और विज्ञापन बोर्ड लगाने वालों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के तहत संबंधित मामलों में तीन महीने तक की कैद या जुर्माने की सजा हो सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुंबई की स्वच्छता, सुंदरता और सार्वजनिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए अनधिकृत विज्ञापनों पर नियंत्रण रखा जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहे।
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