दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने TB-Free India अभियान की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 11 सितंबर | दिल्ली में TB-Free India अभियान को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने समीक्षा बैठक की। बैठक में टीबी रोकथाम उपचार, सक्रिय जांच, चेस्ट एक्स-रे और मरीजों को पोषण सहायता की स्थिति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि पात्र परिवारों में बचाव उपचार की पहुंच 55 प्रतिशत हो चुकी है। विभेदित टीबी देखभाल की पहुंच 74 प्रतिशत तक पहुंची है। दिल्ली में 9.80 लाख से अधिक चेस्ट एक्स-रे किए गए हैं। निक्षय मित्रों के माध्यम से 1.15 लाख से अधिक फूड बास्केट वितरित किए गए हैं। उपराज्यपाल ने लंबित मामलों के निपटारे और जोखिम वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।

TB-Free India अभियान की समीक्षा
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने मंगलवार को समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में दिल्ली में टीबी उन्मूलन अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह और मुख्य सचिव बैठक में मौजूद रहे।
इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
उपराज्यपाल ने अभियान से जुड़े आंकड़ों और जमीनी स्तर की स्थिति की जानकारी ली।
टीबी रोकथाम उपचार का दायरा बढ़ा
बैठक में बताया गया कि पात्र परिवारों तक बचाव उपचार की पहुंच 55 प्रतिशत हुई है।
ये परिवार टीबी प्रभावित लोगों के संपर्क में आए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, विभेदित टीबी देखभाल की पहुंच 74 प्रतिशत तक पहुंची है।
इस व्यवस्था में मरीजों की जरूरत के अनुसार देखभाल पर ध्यान दिया जाता है।
उपराज्यपाल ने इन आंकड़ों को महत्वपूर्ण बताया।
हालांकि, उन्होंने अभियान में मौजूद कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया।
9.80 लाख से अधिक चेस्ट एक्स-रे

दिल्ली में अब तक 9 लाख 80 हजार से ज्यादा चेस्ट एक्स-रे किए गए हैं।
इन जांचों से टीबी की पहचान में मदद मिल रही है।
इसके अलावा, निक्षय मित्रों के माध्यम से 1 लाख 15 हजार से अधिक फूड बास्केट बांटे गए हैं।
इन फूड बास्केट के जरिए टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता दी जा रही है।
एआई एक्स-रे के लिए निर्देश
उपराज्यपाल ने एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे व्यवस्था की भी समीक्षा की।
उन्होंने इस व्यवस्था में रेडियोग्राफरों की कमी दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से तय समय सीमा के भीतर पात्र लोगों तक बचाव उपचार पहुंचाने को कहा।
इससे टीबी संक्रमण को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।
लंबित भुगतान मामलों पर जोर

बैठक में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को इन मामलों का जल्द निपटारा करने को कहा।
उन्होंने ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में लक्षित अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
इन इलाकों में सक्रिय टीबी जांच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
जोखिम वाले क्षेत्रों में सक्रिय जांच
उपराज्यपाल ने कहा कि टीबी नियंत्रण के लिए सक्रिय स्क्रीनिंग जरूरी है।
उन्होंने ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में जांच अभियान मजबूत करने को कहा।
साथ ही, पात्र लोगों तक उपचार और सहायता समय पर पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अभियान की कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई।
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