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Swaraj & Dignity : “आजादी का मतलब हर व्यक्ति का सम्मान” बोले LG तरनजीत सिंह संधू, गांधी के विचारों पर दिया जोर

LG Taranjit Singh Sandhu addresses the Sadbhavana Sammelan at Gandhi Ashram LG Taranjit Singh Sandhu addresses the Sadbhavana Sammelan at Gandhi Ashram
LG Taranjit Singh Sandhu addresses the Sadbhavana Sammelan at Gandhi Ashram

दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित गांधी आश्रम में Swaraj & Dignity को लेकर एलजी तरनजीत सिंह संधू ने अपने विचार साझा किए
उन्होंने सद्भावना सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि गांधी के लिए स्वतंत्रता का अर्थ हर व्यक्ति को सम्मान और अधिकार देना था

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली | किंग्सवे कैंप में आयोजित Social Equality कार्यक्रम में एलजी तरनजीत सिंह संधू ने गांधी, अंबेडकर और मालवीय के विचारों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक सम्मान और समानता भी जरूरी है।
संधू ने अपने दादा सरदार तेजा सिंह समुंदरी की जातिगत भेदभाव के खिलाफ भूमिका को याद किया।
उन्होंने युवाओं से न्याय, सद्भाव और मानव सेवा जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की।

LG Sandhu Recalls Mahatma Gandhi’s Views
LG Sandhu Recalls Mahatma Gandhi’s Views

Swaraj & Dignity पर LG संधू ने गांधी के विचारों को किया याद

दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित हरिजन सेवक संघ के गांधी आश्रम में सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया गया। लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों और सामाजिक समानता के महत्व पर बात की।

संधू ने कहा कि गांधी के लिए स्वतंत्रता और Swaraj & Dignity केवल राजनीतिक अधिकार हासिल करने तक सीमित नहीं थे। उनके अनुसार, हर व्यक्ति को सम्मान, अधिकार और बराबरी मिलना भी स्वतंत्रता की भावना का हिस्सा था।

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उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई के साथ सामाजिक एकता, समानता और भाईचारे के लिए भी संघर्ष हुआ। संधू ने इस ऐतिहासिक पहलू को आज के सामाजिक जीवन से जोड़ते हुए नागरिक जिम्मेदारी की जरूरत बताई।

Social Equality के लिए गांधी, अंबेडकर और मालवीय का योगदान

एलजी ने हरिजन सेवक संघ की स्थापना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस संस्था की शुरुआत 1932 में महात्मा गांधी के प्रयासों से हुई थी। उन्होंने उस बैठक को भी याद किया, जिसमें पंडित मदन मोहन मालवीय ने अध्यक्षता की थी और जिसके बाद हरिजन सेवक संघ की स्थापना हुई।

संधू ने कहा कि गांधी, मालवीय और डॉ. बीआर अंबेडकर के प्रयासों का उद्देश्य राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक सम्मान और समानता सुनिश्चित करना था।

उनके वक्तव्य में Social Equality को लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी भावना से जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

Taranjit Singh Sandhu ने दादा तेजा सिंह समुंदरी को किया याद

Sadbhavana Sammelan Event
Sadbhavana Sammelan Event

कार्यक्रम के दौरान Taranjit Singh Sandhu ने अपने दादा सरदार तेजा सिंह समुंदरी के जीवन और सामाजिक कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके दादा गुरुद्वारा सुधार आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में रहे थे।

संधू के अनुसार, तेजा सिंह समुंदरी का काम केवल धार्मिक सुधार तक सीमित नहीं था। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक कल्याण और जातिगत भेदभाव के खिलाफ भी काम किया। उनके जीवन से जुड़े कई प्रसंगों को संधू ने कार्यक्रम में साझा किया।

उन्होंने बताया कि एक समय जब उनके दादा को पता चला कि दलितों को सामुदायिक कुएं से पानी लेने की अनुमति नहीं थी, तो वह उन्हें साथ लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने उनसे कुएं से पानी निकालने को कहा और खुद सबसे पहले पानी पिया।

Mahatma Gandhi के संदेश में सम्मान और भाईचारा

संधू ने कहा कि भारत को बेहतर बनाने का प्रयास सामाजिक सद्भाव और सम्मान से अलग नहीं किया जा सकता। उन्होंने गांधी के उस विचार को रेखांकित किया, जिसमें स्वतंत्रता को व्यापक मानवीय गरिमा से जोड़ा गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बराबरी और भाईचारा मजबूत करना केवल सरकारों का काम नहीं है। इसमें नागरिकों, संस्थाओं और युवा पीढ़ी की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

हरिजन सेवक संघ की ऐतिहासिक भूमिका और गांधी के सामाजिक विचारों का उल्लेख करते हुए संधू ने कहा कि स्वतंत्रता के मूल्यों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।

Swaraj & Dignity के संदेश को युवाओं तक पहुंचाने पर जोर

Emphasis on Taking the Message to the Youth
Emphasis on Taking the Message to the Youth

एलजी ने युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का उल्लेख किया, जिसमें न्याय, सद्भाव और मानव सेवा पर आधारित भारत के निर्माण की बात कही गई है।

उन्होंने युवाओं से सामाजिक जिम्मेदारी, समानता और सेवा जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की। संधू के अनुसार, Swaraj & Dignity की भावना तभी मजबूत होगी, जब समाज में हर व्यक्ति के अधिकार और सम्मान को महत्व दिया जाए।

कार्यक्रम में गांधी के विचारों, सामाजिक समानता और ऐतिहासिक संघर्षों को याद करते हुए वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। संधू ने कहा कि भारत की प्रगति के लिए विकास के साथ सामाजिक सद्भाव और मानवीय सम्मान को भी बराबर महत्व देना जरूरी है।

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