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शिमला। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आज राजभवन, शिमला में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की उपस्थिति में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का जश्न मनाते हुए वंदे मातरम का भावपूर्ण गायन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत माता के प्रति प्रेम, श्रद्धा और अटूट भक्ति का एक अनंत गान है। उन्होंने कहा कि यह गीत प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रवाद की ज्योति प्रज्वलित करता रहता है। राज्यपाल ने सभी से राष्ट्रीय गीत सार को आत्मसात करने और एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक लक्ष्य के लिए स्वयं को समर्पित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी विशेष आकर्षण रही।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा और बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौस्तुभ नारायण मिश्रा भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर राजभवन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का जश्न मनाते हुए वंदे मातरम का भावपूर्ण गायन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत माता के प्रति प्रेम, श्रद्धा और अटूट भक्ति का एक अनंत गान है। उन्होंने कहा कि यह गीत प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रवाद की ज्योति प्रज्वलित करता रहता है। राज्यपाल ने सभी से राष्ट्रीय गीत सार को आत्मसात करने और एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक लक्ष्य के लिए स्वयं को समर्पित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी विशेष आकर्षण रही।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा और बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कौस्तुभ नारायण मिश्रा भी उपस्थित थे।
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