खतौली (मुजफ्फरनगर)। कस्बे के मोहल्ला बालकराम निवासी 79 वर्षीय शरीफ अहमद लगभग 29 साल पहले घर से निकलने के बाद लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन जब वर्षों तक कोई सुराग नहीं मिला तो उन्हें मृत मान लिया गया। समय के साथ परिवार ने उनकी खोज भी बंद कर दी थी।
बताया गया कि शरीफ अहमद करीब तीन दशक पहले काम के सिलसिले में बंगाल चले गए थे। इस दौरान परिवार से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। इतने लंबे समय तक कोई जानकारी न मिलने के कारण स्वजनों को यही लगा कि शायद वह अब इस दुनिया में नहीं हैं।
हाल ही में शुरू हुई एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों की जरूरत पड़ने पर बंगाल में रह रहे शरीफ अहमद अपने पैतृक कस्बे खतौली पहुंचे। जैसे ही परिजनों ने उन्हें देखा, उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वर्षों पहले मृत मान चुके शरीफ को सामने पाकर परिवार के लोग भावुक हो गए और उनसे लिपटकर रो पड़े।
शरीफ अहमद के घर लौटने की खबर मोहल्ले और रिश्तेदारी में फैलते ही लोग उनसे मिलने पहुंचने लगे। इतने लंबे अरसे में परिवार में जुड़े नए सदस्यों को देखकर शरीफ अहमद बेहद खुश नजर आए। वहीं, इस दौरान परिवार के कई सदस्यों के निधन की जानकारी मिलने पर उनकी आंखें नम हो गईं।