SIR को लेकर चंडीगढ़ BJP अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
उन्होंने चुनाव आयोग के हालिया स्पष्टीकरण और Form-6 से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 27 सितंबर | चंडीगढ़ में SIR और चुनाव आयोग को लेकर भाजपा ने प्रेस वार्ता आयोजित की।
जतिंदर पाल मल्होत्रा ने आयोग के 26 सितंबर के संयुक्त बयान का हवाला दिया।
उन्होंने कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र और Form-6 प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण का उल्लेख किया।
वहीं विपक्षी दलों ने आयोग के स्पष्टीकरण पर अलग-अलग सवाल उठाए हैं।

SIR को लेकर चंडीगढ़ BJP ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
चंडीगढ़ भाजपा ने 27 सितंबर को सेक्टर-33 स्थित प्रदेश कार्यालय ‘कमलम’ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें SIR और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद पर पार्टी का पक्ष रखा गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।
उन्होंने चुनाव आयोग के 26 सितंबर के संयुक्त बयान का हवाला दिया। चुनाव आयोग ने कहा था कि Special Intensive Revision से जुड़े प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने SIR के अलग-अलग चरणों और प्रशासनिक मुद्दों पर भी स्पष्टीकरण दिया था।
Election Commission Statement का मल्होत्रा ने किया उल्लेख
जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि Election Commission Statement के बाद SIR को लेकर उठाए गए कुछ सवालों पर स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।
मल्होत्रा के अनुसार आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले आधिकारिक तथ्यों को देखना चाहिए। यह उनका राजनीतिक पक्ष है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी SIR को लेकर कई सवाल उठाए हैं। CPI(M) ने 27 सितंबर को कहा कि आयोग के बयान में मतदाता नामांकन, नाम हटाने और Form-6 से जुड़े उसके कुछ सवालों का जवाब नहीं मिला।
SIR Decisions पर आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के बयान में कहा कि 24 जून 2025 को जारी SIR आदेश को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। आयोग के अनुसार बाद में अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी कार्यक्रम भी सर्वसम्मति से तय किए गए।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके फैसलों से संबंधित प्रक्रिया में तीनों आयुक्तों की सामूहिक मंजूरी शामिल थी। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया, जब आयोग के भीतर कथित मतभेदों की खबरों को लेकर राजनीतिक बहस चल रही थी।
Cabinet Secretary को भेजे पत्र पर भी चर्चा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में Cabinet Secretary Letter का मुद्दा भी सामने आया। मल्होत्रा ने कहा कि यह पत्र SIR या चुनावी नीति से संबंधित नहीं था।
चुनाव आयोग के अनुसार मामला प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी के प्रशासनिक कार्य से जुड़ा था। आयोग ने कहा कि इसे SIR या किसी नीतिगत फैसले से जोड़ना सही संदर्भ नहीं होगा।
Form-6 को लेकर भाजपा ने रखा पक्ष
Form-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। मल्होत्रा ने कहा कि पात्र नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने BLO के जरिए घर-घर संपर्क और आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। चुनाव आयोग ने भी SIR के दौरान Form-6 और उससे जुड़े घोषणा-पत्र को लेकर अपना स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने गैर-SIR अवधि में लागू सामान्य प्रक्रिया का भी उल्लेख किया।
Constitutional Institutions पर बयान
मल्होत्रा ने अपने संबोधन में चुनाव आयोग के साथ न्यायपालिका और CAG जैसी संस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े पुराने राजनीतिक बयानों का भी उल्लेख किया। इनमें 2019 के राफेल मामले और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल थे। ये संदर्भ मल्होत्रा ने विपक्ष की आलोचना के लिए दिए। उनके इन निष्कर्षों को स्वतंत्र तथ्यात्मक निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
BJP Chandigarh ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
भाजपा चंडीगढ़ अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस और INDI गठबंधन की ओर से SIR को लेकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
इंडियन न्यूज कॉलिंग की रिपोर्ट के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत, मुख्य प्रवक्ता डॉ. धरिंदर तायल, प्रवक्ता गुरप्रीत ढिल्लों, राहुल शर्मा और नेहा अरोड़ा भी मौजूद थे।
विपक्ष ने भी उठाए सवाल
SIR Debate पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार CPI(M) ने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए कई सवाल दोहराए। पार्टी ने Form-6, मतदाता नामांकन और केंद्रीयकृत डेटा से जुड़े मुद्दे उठाए।
वहीं चुनाव आयोग ने अपने बयान में फैसलों की सर्वसम्मति और प्रशासनिक प्रक्रिया पर अपना पक्ष रखा है।
SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी
चंडीगढ़ भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद SIR को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। भाजपा चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण को आधार बनाकर विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर, विपक्षी दल आयोग के जवाब के बावजूद प्रक्रिया से जुड़े कुछ मुद्दे उठा रहे हैं।
फिलहाल SIR से जुड़े फैसलों, Form-6 की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के प्रशासनिक कामकाज पर अलग-अलग राजनीतिक पक्ष सामने आ रहे हैं। આગળ की स्थिति संबंधित आधिकारिक आदेशों और न्यायिक कार्यवाही से और स्पष्ट होगी।
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