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शिरोमणी अकाली दल पंजाब यूनिवर्सिटी के मूल स्वरूप को बदलने वाली केंद्रीय अधिसूचना के खिलाफ 10 नवंबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होगा: सरदार परमबंस सिंह रोमाणा

चंडीगढ़/05नवंबर: शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने आज कहा है कि पार्टी पंजाब यूनिवर्सिटी के बुनियादी स्वरूप को बदलने की मांग करने वाली केंद्र के नोटिफिकेशन के खिलाफ 10 नवंबर को संयुक्त विरोण का तहे दिल से समर्थन करेगी और इसे केंद्र के कंट्रोल में लेने की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नही होने देगी।
कहा कि अकाली दल किसी भी कीमत पर पीयू को केंद्रीय नियंत्रण में लेने की साजिश को कामयाब नही होने देगा

चंडीगढ़/05नवंबर: शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने आज कहा है कि पार्टी पंजाब यूनिवर्सिटी के बुनियादी स्वरूप को बदलने की मांग करने वाली केंद्र के नोटिफिकेशन के खिलाफ 10 नवंबर को संयुक्त विरोण का तहे दिल से समर्थन करेगी और इसे केंद्र के कंट्रोल में लेने की साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नही होने देगी।

यूनिवर्सिटी परिसर में आंदोलन करने वाले छात्रों से बातचीत करते हुए सरदार रोमाणा ने कहा कि इस अधिसूचना का मकसद ग्रेजूएट कांस्टभ्टयूएंसी को हटाकर और प्रमुख संस्थान पर पंजाब की पकड़ को कमजोर करके यूनिवर्सिटी सिंडिकेट और सीनेट को केंद्र सरकार की रबड़ की मोहरे बनाना है। इसे राज्य की पहचान पर हमला करार देते हुए सरदार रोमाणा ने कहा,‘‘ यह पंजाब की आवाज को दबाने का भी प्रयास हैै।’’

इस अवसर पर छात्र नेताओं ने अकाली दल से क्षेत्रीय पार्टी होने के नाते इस अधिसूचना  के खिलाफ लड़ाई की अगुवाई करने का आग्रह किया। सरदार रोमाणा ने कहा कि अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल भी विश्वविद्यालय का दौरा करेंगें उन्होने आश्वासन दिया कि यूथ अकाली दल और भारतीय छात्र संगठन, दोनो के नौजवान कार्यकर्ता इस मुददे पर न्याय की लड़ाई में आंदोलनकारी छात्रों का साथ देंगंे। उन्होने कहा,‘‘ हम पंजाब के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस लड़ाई को इसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाएंगें।’’

अकाली नेता ने यह भी बताया कि कैसे यूनिवर्सिटी में भाजपा-आरएसएस का एजेंडा लागू किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सभी प्रोफेसरों और प्रिंसिपलों की नियुक्ति इसी एजेंडे के तहत की जा रही है और पंजाब के 200 से ज्यादा काॅलेजों में छात्रों को क्या पढ़ाया जाना है, यह भी भाजपा-आरएसएस द्वारा ही तय किया जा रहा है।

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सरदार रोमाणा ने यह भी बताया कि कैसे केंद्र पंजाब के अधिकारों को छीन रहा है। उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से दो पूर्णकालिक सदस्यों को अपने बोर्ड में नियुक्त करने का निर्णय लिया है। उन्होने कहा,‘‘ अब सिंडिकेट चुनाव समाप्त करके और सीनेट को मनोनीत और पदेन सदस्यों के निकाय में बदलकर केंद्र ने पंजाब यूनिवर्सिटी पर सीधा नियंत्रण कर लिया है , जो पंजाब की विरासत का हिस्सा है।’’

सरदार रोमाणा ने पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को विवादास्पद आदेश को वापिस लेने के लिए दबाव बनाने के लिए चेतन चैधरी सहित यूथ अकाली दल ने नेताओं को बधाई दी,  जिसके तहत छात्रों को एक हलफनामा देने की आवश्यकता थी कि वे परिसर में विरोध प्रदर्शन नही करेंगें। 

 

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