Follow

एसजीपीसी प्रधान धामी का बयान सिख संगत को गुमराह करने की साजिश, सरकार नहीं हमारे लिए श्री अकाल तख्त सबसे ऊपर : बलतेज पन्नू

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के गंभीर मामले पर जवाबदेही से भाग रहे धामी : पन्नू

'सरकार का हस्तक्षेप' बताकर इस मुद्दे को दबाने की कोशिश ना करें एसजीपीसी प्रधान : पन्नू

पन्नू का धामी से सवाल- वे संगत को बताएं एसजीपीसी में रोजाना हो रहे भ्रष्टाचार के लिए कौन जिम्मेदार है?

 

चंडीगढ़, 25 दिसंबर : आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के उस बयान जिसमे उन्होंने कहा कि 'क्या सरकार खुद को श्री अकाल तख़्त से ऊपर समझने लगे गयी है' पर तीखा पलटवार किया है। गुरुवार को एक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए पन्नू ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कभी भी खुद को श्री अकाल तख़्त से ऊपर नहीं माना और न ही ऐसी कोई मंशा है, क्योंकि हमारे लिए श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है। 

Advertisement

एसजीपीसी प्रधान धामी को आड़े हाथों लेते हुए पन्नू ने सवाल किया कि जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के गंभीर मामले पर सवाल उठते हैं, तो धामी साहब शोर मचाना क्यों शुरू कर देता है? क्या अपनी जवाबदेही से भागने के लिए आप खुद को गुरु साहिब से भी ऊपर समझने लगे हैं? बलतेज पन्नू ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों का मामला सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दा है। जब भी इस मामले में न्याय या स्पष्टीकरण की मांग की जाती है, तो धामी साहब इसे 'सरकार का हस्तक्षेप' बताकर असली मुद्दे को दबाने की कोशिश करते हैं। 

पन्नू ने धामी के उस हालिया बयान पर भी हैरानी जताई जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि एसजीपीसी में रोजाना 10-20 घपले होते रहते हैं। उन्होंने सवाल किया की धामी साहब संगत को बताएं कि ये किस तरह के घपले हैं? क्या ये पैसे की हेराफेरी है, रसीदों का फर्जीवाड़ा है या छपाई के दौरान होने वाले भ्रष्टाचार का हिस्सा है? उनका यह बयान बेहद गंभीर है और दर्शाता है कि संस्था के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं।

 

Advertisement
Tap to Refresh