गिफ्ट निफ्टी और एशियाई बाजारों के कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ खुला, जबकि निफ्टी मामूली बढ़त के साथ कारोबार में उतरा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही हैं।
Rahul Gupta
मुंबई, 10 सितंबर।
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 10 सितंबर को लगातार चौथे दिन दबाव देखने को मिला। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 27 अंक की गिरावट के साथ 74,742 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 15 अंक की बढ़त के साथ 23,444 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
गिफ्ट निफ्टी में कमजोरी, एशियाई बाजारों में गिरावट और अमेरिकी शेयर वायदा में दबाव के कारण भारतीय बाजार की शुरुआत को लेकर पहले से ही नकारात्मक संकेत मिल रहे थे।
बुधवार को भी दबाव में रहा बाजार
इससे पहले बुधवार, 9 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
बुधवार को निफ्टी 0.86 फीसदी गिरकर 23,431 के स्तर पर बंद हुआ, जो करीब तीन महीने का निचला स्तर रहा। सेंसेक्स भी 1.08 फीसदी टूटकर 74,764 के स्तर पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी से मिले कमजोर संकेत
गिफ्ट निफ्टी करीब 23,461.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 90.70 अंक नीचे था। इससे भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिले।
एशियाई बाजारों में भी बिकवाली
एशियाई बाजारों में गुरुवार को ज्यादातर प्रमुख सूचकांकों में गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 96.61 अंक यानी 1.37 फीसदी गिरकर 6,955.03 पर आ गया।
जापान के निक्केई 225 में 1.07 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टॉपिक्स 0.53 फीसदी नीचे रहा। ताइवान के शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ा और सूचकांक 378 अंक गिरकर 46,805.36 के स्तर पर आ गया।
वॉल स्ट्रीट में भी कमजोरी
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी बाजार के निवेशकों की धारणा पर भी असर डाला। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 400 अंक गिर गया। इसके साथ ही तीन दिनों में डॉव की कुल गिरावट करीब 1,300 अंक हो गई।
एसएंडपी 500 में करीब 0.6 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में करीब 0.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर नजर
ईरान-अमेरिका संघर्ष बढ़ने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। गुरुवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 101.42 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड 62 सेंट की बढ़त के साथ 96.67 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी से महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जिसका असर आगे चलकर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ सकता है।
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