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संत कबीर के विचार आज भी मानवता को सही दिशा दिखाने वाले : नायब सिंह सैनी

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संत कबीर ने जात-पात, ऊंच-नीच के भेदभाव का दृढ़ता से किया विरोध 

संत-महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शुरू की ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रचार प्रसार योजना’

न्यूज़म ब्यूरो

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चंडीगढ़, 17 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत शिरोमणि कबीर दास के विचार और शिक्षाएं आज के दौर में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि कबीर ने 15वीं शताब्दी में समाज में व्याप्त धार्मिक कट्टरता, पाखंड और भेदभाव के विरुद्ध जो क्रांतिकारी आवाज उठाई थी, वह आज भी समाज को एकता, समरसता और विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाती है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंजाब के मोहाली में संत कबीर के जीवन एवं शिक्षाओं पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां संतों की वाणी गूंजती है, वह स्थान केवल सेमिनार नहीं बल्कि सत्संग का रूप ले लेता है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अध्यात्म के माध्यम से शांति का अनुभव होता है।

सैनी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब विश्व विभिन्न प्रकार के तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, ऐसे समय में संत कबीर का दर्शन और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उनके विचार मानव समाज के लिए प्रकाश स्तंभ की तरह हैं, जो शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं।

उन्होंने संत कबीर को सच्चा मानवतावादी बताते हुए कहा कि उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और हर प्रकार के भेदभाव का दृढ़ता से विरोध किया। उनकी वाणी की सरलता ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति थी, जो सीधे जन-मानस में उतर जाती थी और आज भी पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को प्रेरित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ संचालित कर रही है। राज्य सरकार संत कबीर के समानता और समरसता के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बुजुर्गों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। हाल ही में अंबाला से अयोध्या के लिए विशेष ट्रेन को रवाना किया गया है और आगे भी अन्य तीर्थ स्थलों के लिए यात्राएं आयोजित की जा रही हैं।

इसके अतिरिक्त, ‘स्वर्ण जयंती गुरु दर्शन यात्रा योजना’ के तहत सिख धर्म से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही ‘स्वर्ण जयंती सिंधु दर्शन योजना’ और ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा योजना’ के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को सहयोग दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर ने अपने जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया कि समाज में एकता और भाईचारा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उनके विचारों को अपनाकर ही एक समरस और भेदभाव मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संतों की वाणी को केवल पढ़ना ही नहीं, बल्कि उसे अपने आचरण में उतारना ही सच्ची श्रद्धा है। मुख्यमंत्री ने संत कबीर दास के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए सभी नागरिकों से उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

सेमिनार का आयोजन भगत कबीर वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा किया गया। इस मौके पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुभाष शर्मा, अमनजोत कौर रामूवालिया, डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री, प्रेम सिंह ढिल्लों, सतिंदर सत्ती सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

 

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