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शिअद वर्किंग कमेटी ने की मुख्यमंत्री द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार को चुनौती देने की कड़ी निंदा

सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में नोट लिया गया कि भगवंत मान तख्त द्वारा दोषी ठहराए जाने के 24 घंटे के भीतर एक लैब से रिपोर्ट खुद खरीदकर प्रस्तुत कर अपने गुनाहों को बढ़ा रहे

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 19जून। शिरोमणी अकाली दल की वर्किंग कमेटी ने सार्वजनिक मंचों पर श्री अकाल तख्त साहब के अधिकार को चुनौती देने के लिए आज मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।

अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई वर्किंग कमेटी की मीटिंग में नोट किया गया कि मुख्यमंत्री जानबूझकर सिख समुदाय में दरार पैदा कर रहे हैं। कमेटी ने कहा कि समुदाय में यह भावना है कि भगवंत मान ने ने केवल गुरु साहिबान के खिलाफ बेअदबी की है, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देकर अपने पापों को बढ़ा लिया है, जबकि श्री अकाल तख्त साहिब ने उचित सबूतों के साथ ही इसको बेनकाब किया ।

पार्टी के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि वर्किंग कमेटी ने एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की तुरंत मांग की है। उन्होने कहा कि वर्किंग कमेटी ने इस बात पर भी चर्चा की कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा फैसला सुनाए जाने के बाद कि यह बेअदबी की वीडियो असली है और आॅर्टिफिशल इंटेकलिजेंस का काम नही इसके बाद कैसे मुख्यमंत्री लैब से 24 घंटों में रिपोर्ट प्राप्त कर अपने पापों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होने कहा,‘‘ ऐसे में भगवंत मान एक मिनट भी अपनी कुर्सी पर बने रहने लायक नही है।’’

सरदार सुखबीर सिंह बादल ने शिरोमणी कमेटी के सदस्यों के साथ इस मुददे पर बातचीत की। सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विवादित वीडियो को आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस के माध्यम से बनाकर सिख संगत को गुमराह करने की कोशिश की है। उन्होने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा मुख्यमंत्री को याद दिलाने के बावजूद पांच महीने ऐसा करने में नाकाम रहने के बाद ही वीडियो को फोरेंसिक रूप से सत्यापित किया गया।

इससे पहले वर्किंग कमेटी ने बूथ स्तर की कमेटियों के संगठनात्मक ढ़ांचे की समीक्षा की। अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि पूरे संगठन का ढ़ांचा अगले पखवाड़े तक पूरा हो जाना चाहिए। वर्किंग कमेटी ने आम आदमी सरकार द्वारा लोकतंात्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने किए गए बिना उकसावे के लाठीचार्ज और राज्य में कानून -व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने पर भी संज्ञान लिया।

 

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