चंडीगढ़/04दिसंबर : शिरोमणी अकाली दल ने आज पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पटियाला के एस.एस.पी वरूण शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए याचिका दायर की और साथ ही एक वायरल कांफ्रेंस काॅल की सीबीआई जांच होने तक उन्हें तुरंत निलंबित करने का आदेश देने की मांग की है। इस कांफ्रेंस काॅल में एसएसपी ने जिला पुलिस बल को अकाली उम्मीदवारों को ब्लाॅक समिति और जिला परिषद चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने का निर्देश दिया था।
अकाली दल अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पटियाला के एसएसपी की पूरी रिकाॅर्डिंग जारी करने के बाद आज हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की है, इसमें जिला पुलिस को विपक्षी पार्टी के उम्मीदवारों खासतौर पर अकाली दल के उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए रिटर्निंग आॅफिसर के कार्यालय पहुंचने से रोकने के निर्देश जारी किए गए थे। अकाली दल अध्यक्ष ने इसे एक ऐसे मुददे के रूप में उठाया, जिसमें पटियाला के एसएसपी द्वारा योजनाबद्ध तरीके से आप पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए संविधान के विरूद्ध कार्रवाई से किसी नागरिक को वोट देेने का लोकतांत्रिक अधिकार छीन लिया गया है।
सरदार बादल ने दावा किया कि आप पार्टी सरकार के इशारे पर राज्य भर के पुलिस बल को इसी तरह के निर्देश जारी किए गए। उन्होने चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप करने और उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की मांग की है। अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को सोमवार को नोटिस जारी किया है।
पूर्व विधायक डाॅ. दलजीत सिंह चीमा द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) के रूप में दायर की गई इस याचिका में राज्य में ब्लाॅक समितियों और जिला परिषदों के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए तत्काल न्यायिक सुरक्षा उपायों की मांग की गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे पटियाला के एसएसपी वरूण शर्मा ने एक वायरल कांफ्रेंस काॅल के जरिए विपक्षी उम्मीदवारों को डराने-धमकाने , गलत तरीेके से रोकने और पर्चा छीनने के माध्यम से नामांकन पत्र दाखिल करने से रोकने की आपराधिक साजिश रची ।
पार्टी के कानूनी सेल के अध्यक्ष स. अर्शदीप सिंह कलेर द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि प्रमुख आॅडियों अंशों से पता चला है कि आप विधायकों को उनके घरों यां ब्लाॅक विकास अधिकारी यां एसडीएम कार्यालय के रास्ते में नजरबंद करने के निर्देश दिए गए और रिटर्निंग अधिकाी प्रविष्टियों को खारिज करना सुनिश्चित किया गया ताकि सत्ताधारी पार्टी निर्विरोध जीत हासिल कर सके।
याचिका में पटियाला के एसएसपी पर निजी सेना बनाकर राज्य की शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए पटियाला जिले में चुनाव और मतगणना प्रक्रिया पूरी होने तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) यां स्वतंत्र आॅब्जर्वरों की तैनाती की मांग की गई है।