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कहा कि पंजाब का चंडीगढ़ पर अटूट अधिकार है और इसे राज्य को हस्तांतरित किया जाना चाहिए : सरदार सुखबीर सिंह बादल
चंडीगढ़/24नवंबर। शिरोमणी अकाली दल ने आज देश में केंद्र और राज्य सरकारों से सिख धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने और हजूर साहिब और पटना साहिब, खालसा पंथ के पवित्र तख्तों सहित सिख संस्थाओं और धार्मिक स्थलों पर नियंत्रण हड़पने के नापाक व लालच भरी कृत्यों को रोकने का पुरजोर आग्रह किया है। उन्होने कहा,‘‘ साजिशों द्वारा सिख संगत से दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) का नियंत्रण छीनना और हरियाणा में एक अलग निकाय स्थापित करके एसजीपीसी को जबरन विभाजित करना महान गुरु साहिबान को श्रद्धांजलि देने का सही तरीका नही है, जिन्होने धार्मिक हस्तक्षेप और दमन के खिलाफ सर्वोच्च बलिदान दिया।’’
सोमवार दोपहर पार्टी के मुख्य कार्यालय में कोर कमेटी की एक विशेष मीटिंग में एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें कहा गया,‘‘ श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने अन्य धर्मों की धार्मिक मान्यताओं, प्रथाओं और मामलों में सरकारी हस्तक्षेप और दमन रोकने के लिए सर्वोच्च और अद्धितीय बलिदान दिया था।
उन्होने कहा कि यह बहुत बड़ी विडंबना है कि जिस धार्मिक हस्तक्षेप और दमन के खिलाफ महान गुरु साहिबान ने अपने प्राणों की आहुती दी थी, केंद्र और महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा की सरकारें वही पाप कर रही हैं। यह हैरान कर देने वाली बात है कि आज सरकारें गुरु साहिब के अपने देश में ओरंगजेब की मानसिकता का पालन कर रही हैं और महान गुरु साहिब की आस्था का पालन करने वाले लोगों के खिलाफ हैं।’’
शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में कोर कमेटी की मीटिंग संपन्न हुई। सरदार बादल ने एक बयान में कहा,‘‘ यह बेहद अच्छी बात है कि पूरा देश महान गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। लेकिन ये श्रद्धांजलि और कार्यक्रम तभी सही लगेंगें, जब केंद्र के साथ-साथ बिहार, महाराष्ट्र, दिल्ली व हरियाणा और अन्य राज्यों की सरकारें सिख धार्मिक मामलों में उनके चल रहे हस्तक्षेप और सिख धार्मिक संस्थानों और पवित्र गुरुधामों पर किए जा रहे हमलों पर रोक लगाएं।’’
सरदार सुखबीर सिंह बदाल ने कहा कि चंडीगढ़ को एक नियमित केंद्र शासित प्रदेश बनाकर उस पर पंजाब के अधिकार को समाप्त करने का केंद्र का नवीनतम कदम, पंजाब यूनिवर्सिटी में लोकतांत्रिक व्यवस्था को कम करने के प्रयास भी पंजाब के साथ अन्याय है। उन्होने दावा करते हुए कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब का अटूट अधिकार है और अकाली दल पंजाब से इसे छीनने के किसी भी प्रयास को हरगिज बर्दाश्त नही करेगा।
उन्होने केंद्र शासित प्रदेश को पंजाब को सौंपने की मांग की। उन्होने पंजाबियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक पार्टियों से राज्य के अधिकारों की रक्षा के प्रयासों में अकाली दल का समर्थन करने की अपील की है।
कोर कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब का अनादर करने के तरीके पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि अकाली दल इस तरह के अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश्त नही करेगा। कोर कमेटी ने पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल का उनकी प्रेरणादायक अगुवाई के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके परिणामस्वरूप तरनतारन उपचुनाव में अकाली दल को भारी समर्थन मिला। कोर कमेटी ने जिला परिषद चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने की घोषणा की।
कोर कमेटी ने अकाली दल अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार श्री जंगवीर सिंह की सास सरदारनी अमरजीत कौर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया।
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