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आतिशी मार्लेना का शिअद ने फूंका पुतला, डीसीज को सौंपे ज्ञापन, सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

सिख गुरुओं, सिख नेताओं और सिख संस्थानों को बदनाम करने वाले वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

 

चंडीगढ़/10जनवरी: शिरोमणी अकाली दल ने आज दिल्ली में विपक्षी नेता आतिशी मार्लेना के खिलाफ मामला दर्ज करने और राज्य विधानसभा मेें गुरु साहिबान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए उनकी दिल्ली विधानसभा की सदस्यता रदद करने की मांग करते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। 

 

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जिला स्तर पर किए गए विरोध प्रदर्शनों को राज्य भर में भारी समर्थन मिला है। इसमें आतिशी मार्लेना का पुतला जलाने के अलावा धरना स्थल पर प्रवक्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री के साथ-साथ इस साजिश में शामिल अन्य लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।

 

शिरोमणी अकाली दल के प्रतिनिधिमंडलों ने सभी जिलों के डिप्टी कमिशनरों को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होने पंजाब के राज्यपाल और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से आतिशी मार्लेना के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

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ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया कि विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी द्वारा धार्मिक आजादी की रक्षा के लिए किए गए सर्वोच्च बलिदान पर विशेष चर्चा के दौरान आतिशी ने जानबूझकर गुरु साहिबान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।

 

इसमें कहा गया कि ये टिप्पणियां दिल्ली  विधानसभा के आधिकारिक रिकाॅर्ड का हिस्सा है और यह सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए आम आदमी पार्टी के नेता के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी का यह उपयुक्त मामला है।

 

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि आतिशी द्वारा गुरु साहिबान के विरूद्ध टिप्पणी करते हुए वीडियो रिकाॅर्डिंग भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है, जिससे सिख समुदाय के सदस्यों में काफी नाराजगी है।

 

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि हाल ही में सिख गुरुओं, सिख नेताओं और सिख संस्थानों के खिलाफ कई अपमानजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं और ये वीडियो समाज में तनाव पैदा कर रहे हैं और राज्य के माहौल को बिगाड़ सकते हैं। 

 

इसमें यह भी कहा गया है कि वीडियो का मकसद सिख संस्थानों को बदनाम करना है, जिससे ‘संगत’ चिंतित है। 

 

ज्ञापन में इन सभी वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने  और दोषियों के खिलाफ साइबर अपराध कानून के तहत उचित मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

 

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