Sachin Pilot के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस ने हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च निकाला
गुलजार सिंह मामले में FIR और निष्पक्ष जांच को लेकर सवाल उठाए
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 15 सितंबर। चंडीगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर प्रदर्शन किया। Sachin Pilot ने मंत्री का नाम सामने आने पर FIR और जांच की मांग उठाई।

Sachin Pilot ने उठाया FIR का सवाल
प्रदर्शन के दौरान Sachin Pilot ने हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का वित्त मंत्री के खिलाफ कोई निजी मामला नहीं है। उनका सवाल कानून और निष्पक्ष जांच को लेकर है।
उन्होंने गुलजार सिंह के आखिरी बयान का उल्लेख किया। पायलट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने अपने आखिरी बयान में मंत्री का नाम लिया है। ऐसे में कानून के अनुसार FIR दर्ज कर जांच नहीं होनी चाहिए क्या?
उन्होंने कहा कि जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है। कांग्रेस इसी आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
गुलजार सिंह मामले को लेकर सरकार पर निशाना

Sachin Pilot ने गुलजार सिंह की आत्महत्या को पंजाब के हालात से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य में गंभीर स्थिति की ओर इशारा करती है।
उन्होंने सरकार के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर होने का आरोप लगाया। पायलट ने नशे की समस्या को लेकर भी आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक गरीब दलित व्यक्ति को अपने बेटे से जुड़े नशे के मुद्दे पर आवाज उठानी पड़ी। पायलट ने पंजाब में नशे की उपलब्धता को गंभीर चिंता का विषय बताया।
दलित उपमुख्यमंत्री के वादे पर भी सवाल

Sachin Pilot ने आम आदमी पार्टी के पुराने चुनावी वादों का भी जिक्र किया। उन्होंने चुनाव से पहले दलित उपमुख्यमंत्री बनाने के वादे की याद दिलाई।
पायलट ने कहा कि सरकार बनने के बाद स्थिति अलग दिखाई दे रही है। उन्होंने गुलजार सिंह मामले को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दलित समाज के हितों को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार से इन मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा।
नशे को लेकर भी सरकार पर हमला

पायलट ने पंजाब में नशे की उपलब्धता को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के चुनावी वादे का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार बनने के तीन महीने में नशा खत्म करने का दावा किया गया था। पायलट ने आरोप लगाया कि कई साल बाद भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ।
उन्होंने पंजाब में नशे की आसान उपलब्धता का दावा किया। साथ ही उन्होंने सरकार से नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया साथ का भरोसा
Sachin Pilot ने प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान के प्रतिनिधि के तौर पर वह हर संघर्ष में साथ रहेंगे। उन्होंने न्याय के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।
पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मान और अधिकारों से समझौता नहीं होगा। उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी सरकार पर हमला बोला। वरिष्ठ नेताओं ने आप सरकार को पंजाब की सबसे खराब सरकार बताया।
नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यकाल पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के सामने कई गंभीर मुद्दे हैं।
2027 के चुनाव को लेकर एकजुटता

वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने Sachin Pilot को पूरा समर्थन देने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना है।
नेताओं ने कहा कि नेतृत्व से जुड़ा अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान करेगा। फिलहाल संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता है।
प्रदर्शन में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मौजूद रहे। इनमें सुखजिंदर सिंह रंधावा, ब्रह्म मोहिंद्रा, विजय इंदर सिंगला और अनिल जोशी प्रमुख रूप से शामिल थे।
राणा के.पी. सिंह, डॉ. अमर सिंह और सुखपाल सिंह खैरा भी मौके पर पहुंचे। राणा गुरजीत सिंह और गुरजीत सिंह औजला ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
भारत भूषण आशु, डॉ. राज कुमार वेरका और सुखविंदर सिंह डैनी भी मौजूद रहे। संगत सिंह गिलजियां और कुलजीत सिंह नागरा सहित कई नेता शामिल हुए।
कांग्रेस नेताओं ने गुलजार सिंह मामले में जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बाद कांग्रेस ने सरकार पर और तीखा हमला किया।
इस घटनाक्रम के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने मामले को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने का संकेत दिया है।
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