विधायक पेटवाड़ बोले-विपक्ष की ग्रांट रोकनी है तो रोक लें, मुख्यमंत्री की घोषणाओं की राशि तो समय पर जारी करें
न्यूज़म ब्यूरो
नारनौंद। अंतरराष्ट्रीय राखीगढ़ी महोत्सव के समापन समारोह में नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने सरकार की घोषणाओं और धरातल पर विकास की स्थिति के बीच अंतर को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार राखीगढ़ी करीब आठ हजार वर्ष पहले विकसित महानगर था।

उस दौर में यहां सीवरेज, जल संरचनाएं और बेहतर नगर नियोजन मौजूद था, लेकिन आज यह क्षेत्र बुनियादी विकास के लिए बजट का इंतजार कर रहा है। इतने महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल को केवल भाषणों और घोषणाओं से विश्वस्तरीय पहचान नहीं मिल सकती, इसके लिए समयबद्ध तरीके से ठोस काम करना होगा।
विधायक ने कहा कि मंचों से कभी 21 लाख तो कभी 51 लाख रुपये देने की घोषणाएं की जाती हैं, लेकिन राशि महीनों बाद भी धरातल पर नहीं पहुंचती। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से राखीगढ़ी के लिए कभी 500 करोड़, कभी 180 करोड़ और कभी 125 करोड़ रुपये की योजनाओं का दावा किया जाता है। इन घोषणाओं में कितनी राशि जारी हुई और कितना काम हुआ, इसका हिसाब आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से मांगा जाएगा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायकों को ग्रांट नहीं देनी है तो सरकार न दे, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से घोषित विकास कार्यों का बजट तो समय पर जारी किया जाना चाहिए। राखीगढ़ी को उसके ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप सुविधाएं और दर्जा मिलना उसका अधिकार है।
महोत्सव की असली चमक रहे स्कूली बच्चे
जस्सी पेटवाड़ ने महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों और विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सात दिवसीय आयोजन में असली चमक स्कूली बच्चों ने बिखेरी। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, खेल प्रतियोगिताओं और दूसरी गतिविधियों में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई।
अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत कर व्यवस्थाएं संभालीं। विधायक ने कहा कि आयोजन समाप्त होने के बाद जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती। महोत्सव से देश-विदेश तक पहुंची राखीगढ़ी की पहचान को स्थायी पर्यटन और विकास से जोड़ना आवश्यक है। यहां नियमित गतिविधियां होंगी तभी स्थानीय युवाओं को रोजगार और कलाकारों को बाजार मिल सकेगा।
विधानसभा में मांगेंगे करोड़ों की घोषणाओं का हिसाब
विधायक ने कहा कि राखीगढ़ी के विकास को लेकर अलग-अलग समय पर करोड़ों रुपये के दावे सामने आते रहे हैं। जनता को यह जानने का अधिकार है कि इनमें से कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना बजट जारी हुआ और कौन से कार्य पूरे किए गए। उन्होंने घोषणा की कि आगामी विधानसभा सत्र में सरकार से राखीगढ़ी की प्रत्येक बड़ी परियोजना का विवरण मांगा जाएगा।
पुरातात्विक विरासत के संरक्षण, संग्रहालय, पर्यटन सुविधाओं और गांव के बुनियादी विकास के लिए तय योजनाओं की प्रगति भी पूछी जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल बड़ी रकम घोषित करने से विकास नहीं होता। स्वीकृति, बजट और निर्माण की समयसीमा स्पष्ट करके जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।
‘वनवास भी पूरा होगा, ढोल-नगाड़ों के साथ होंगे काम’
महोत्सव में स्टालों का निरीक्षण करते समय एक बुजुर्ग महिला से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए विधायक ने राजनीतिक चुटकी ली। उन्होंने कहा कि विपक्ष का प्रतिनिधि होने के कारण क्षेत्र को अभी थोड़ा ‘वनवास’ झेलना पड़ सकता है, लेकिन यह समय भी पूरा होगा। इसके बाद जनता के अधिकार के काम ढोल-नगाड़ों के साथ करवाए जाएंगे।
उन्होंने नारनौंद क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि मतदाताओं के आशीर्वाद से उन्हें विधानसभा तक पहुंचने का अवसर मिला है। राखीगढ़ी की धरती का प्रतिनिधि और क्षेत्र का बेटा होने के नाते वह यहां के विकास, सम्मान और अधिकार की आवाज लगातार उठाते रहेंगे। सरकार को भी राजनीतिक भेदभाव छोड़कर ऐतिहासिक धरोहर के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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