चंडीगढ़, 11 दिसंबर : ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन अपने 10 वे दिन को पार कर गया है और अपराध मुक्त समाज की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए 10 दिसंबर 2025 को पुलिस टीमों ने राज्य भर में कुल 808 हॉटस्पॉट चिन्हित कर वहां सघन काम्बिंग और चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान 111 एफआईआर दर्ज की गईं। इस ऑपरेशन के दौरान कुल 292 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया।
पुलिस ने न केवल नए अपराधियों को पकड़ा बल्कि लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे 51 फरार और हिंसक अपराधियों (Absconders) को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इसके अतिरिक्त 6 आर्म्स एक्ट के मुक़दमे में 16 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। वहीँ, अपराधियों की धरपकड़ को और तेज करने के लिए 7 नए लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किए गए, ताकि वे राज्य या देश छोड़कर भाग न सकें।
*भारी मात्रा में नशे की बरामदगी, 3 लाख से अधिक नकद ज़ब्त*
अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य नशा तस्करों और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना था, जिसमें पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3,23,530 रुपये की नकद राशि बरामद की। इसके साथ ही अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें भारी मात्रा में अंग्रेजी और देसी शराब, हेरोइन, स्मैक और गांजा जैसे नशीले पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस की कल एकदिवसीय कार्रवाई में 6 ग्राम गांजा, 44 ग्राम हीरोइन, 15 ग्राम स्मैक, 28 किलो चुरा पोस्त, 1 किलो अफीम ज़ब्त की है। वहीँ इसके अलावा पुलिस ने 46 बियर, 27,826 अंग्रेजी शराब की बोतल, 349 देसी शराब की बोतल, 410 बोतल अवैध शराब भी ज़ब्त करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की कार्रवाई यही तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस द्वारा हथियार भी ज़ब्त किए जिनमें 4 देसी कट्टे, 8 पिस्टल, 18 ज़िंदा कारतूस के अलावा 4 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड, 2 कारें, 2 मोटरसाइकिलें और 1 एक्टिवा शामिल हैं।
*विभिन्न जिलों में पुलिस की सक्रियता और विशेष उपलब्धियां*
इस ऑपरेशन में हरियाणा के अलग-अलग जिलों ने अपनी कार्यशैली से विशिष्ट उदाहरण पेश किए। गुरुग्राम पुलिस ने सबसे अधिक आक्रामकता दिखाते हुए 51 मुक़दमे दर्ज करते हुए सबसे अधिक 126 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीँ हिंसक अपराधियों को भी गिरफ्तार करने में गुरुग्राम जिला (21) सबसे आगे रहा। इसके अलावा गुरुग्राम पुलिस ने अकेले ही 27,625 बोतल अंगेज़ी शराब भी ज़ब्त की। वहीँ अगर नकदी ज़ब्ती की बात करें तो सोनीपत जिला (2 लाख रूपए) और रेवाड़ी (तक़रीबन 50 हज़ार रूपए) की ज़ब्ती की। पलवल पुलिस ने सबसे अधिक गन हाउस निरीक्षण (25) किए। नशे के नेक्सस को तोड़ने के लिए कैथल पुलिस सबसे आगे रही जिसने 10 अपराधियों की गिरफ्तार के अलावा 28 किलो से अधिक का चुरा पोस्त भी ज़ब्त किया। चरखी दादरी पुलिस ने संपत्ति रिकवरी में बेहतरीन काम करते हुए 45,000 रुपये मूल्य की सोलर प्लेटें बरामद कीं, जबकि नूंह पुलिस ने साइबर और तकनीकी अपराधों से जुड़े साक्ष्य जैसे सिम कार्ड और एटीएम बरामद किए। हांसी पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सर्वाधिक 6 लुक-आउट सर्कुलर जारी किए।
*772 ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंची हरियाणा पुलिस, गुरुग्राम पुलिस सबसे आगे*
पुलिस का यह अभियान केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें सामाजिक सुरक्षा और जनसेवा का पहलू भी शामिल था। भविष्य की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने राज्य भर में 28 गन हाउसों का औचक निरीक्षण किया ताकि हथियारों का दुरुपयोग रोका जा सके। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों ने इस अभियान के दौरान 772 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त व्यक्तियों की सहायता भी की, जो यह साबित करता है कि हरियाणा पुलिस कठोर कार्रवाई के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के प्रति भी उतनी ही संवेदनशील है। इस अभियान में ज़रूरतमंदों लोगों को इस कड़ाके की सर्दी में कंबल, भोजन और अन्य सहायता हरियाणा पुलिस द्वारा उपलब्ध करवाई गई।
*साइबर ठगों पर प्रहार: क्रेडिट कार्ड और टेलीग्राम टास्क फ्रॉड का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार*
साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त मुहिम फरीदाबाद पुलिस ने साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर नकेल कसते हुए एक ही दिन में दो बड़ी वारदातों का खुलासा किया है। शहर में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना बल्लभगढ़ और साइबर थाना NIT की टीमों ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जानकारी देते हुए बताया कि पहले मामले की कहानी एक डिजिटल चूक से शुरू होती है। तिरखा कॉलोनी के एक निवासी ने पुलिस को बताया कि किस तरह साइबर अपराधियों ने उन्हें एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल भेजी। जैसे ही पीड़ित ने उस फाइल को डाउनलोड किया, ठगों ने उनके फोन का एक्सेस लेकर क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा ली। देखते ही देखते दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 2,05,003 रुपये उड़ा लिए गए।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जांच में जुटी बल्लभगढ़ पुलिस टीम ने जब कड़ियां जोड़ीं, तो तार दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़े मिले। पुलिस ने इस मामले में ब्रिजेश (निवासी अगरोला, लोनी), सोनू और विनीत (निवासी बुराड़ी, दिल्ली) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई कि ये तीनों आरोपी आपस में दोस्त हैं। ब्रिजेश पेशे से इलेक्ट्रीशियन है, जबकि सोनू और विनीत डिलीवरी बॉय का काम करते हैं। सोनू और विनीत ने ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए ब्रिजेश के बैंक खाते का इस्तेमाल किया था, जिसे उन्होंने आगे मुख्य ठगों को मुहैया कराया था। इसी खाते में पीड़ित के उड़ाए गए पैसे ट्रांसफर हुए थे।
ठगी की दूसरी घटना साइबर थाना NIT क्षेत्र की है, जहां पर्वतीय कॉलोनी की एक महिला 'वर्क फ्रॉम होम' के लालच का शिकार हो गई। 29 सितंबर को महिला के व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें गूगल टास्क के जरिए घर बैठे पैसे कमाने का प्रलोभन दिया गया था। उसे पहले टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया और फिर एक फर्जी वेब लिंक के जरिए टास्क पूरे करने को कहा गया। मुनाफे के लालच में महिला ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ठगों द्वारा बताए गए खातों में कुल 4,71,000 रुपये जमा करवा दिए, लेकिन टास्क पूरा होने के बाद भी उसे एक रुपया वापस नहीं मिला। इस मामले की जांच करते हुए साइबर थाना NIT की टीम ने राजस्थान के दौसा जिले तक छापा मारा और छोटे लाल मीणा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। 12वीं पास छोटा लाल पेशे से बोरवेल का काम करता है। पूछताछ में उसने कबूला कि उसने अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में साइबर ठगों को किराए पर दिया था। महिला से ठगे गए रुपयों में से एक लाख रुपये इसी के खाते में आए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए ब्रिजेश को जेल भेज दिया है, जबकि सोनू, विनीत और छोटे लाल मीणा को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
*रोहतक के आईएमटी एरिया में रोहतक पुलिस और बदमाश में सीधी भिड़ंत*
इन साइबर सफलताओं के बीच, रोहतक में पुलिस और बदमाशों के बीच सीधी मुठभेड़ का मामला सामने आया है।10 दिसंबर 2025 की शाम को रोहतक पुलिस की एवीटी (एंटी व्हीकल थैफ्ट) स्टाफ को सूचना मिली कि करनाल गोलीबारी कांड का मुख्य आरोपी रोहतक के आईएमटी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री सुरेन्द्र सिंह भौरिया के निर्देशन में उप निरीक्षक अश्वनी की टीम ने जब घेराबंदी कर बाइक सवार संदिग्ध को रोकने का प्रयास किया, तो उसने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए आत्मरक्षा में जवाबी गोली चलाई, जो आरोपी के पैर में लगी और उसे मौके पर ही काबू कर लिया गया। मुठभेड़ में घायल हुए आरोपी की पहचान सोनीपत के कथूरा गांव निवासी मोहित के रूप में हुई है, जो फिलहाल रोहतक की शीतल कॉलोनी में रह रहा था।पूछताछ और जांच में सामने आया कि यह वही मोहित है जिसने अक्टूबर 2025 में अपने साथियों के साथ मिलकर करनाल की अल्फा सिटी में करीब 50 राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी थी। मोहित एक आदतन अपराधी है जिस पर हत्या के प्रयास, अपहरण और शस्त्र अधिनियम जैसे 8 संगीन मामले दर्ज हैं और अपहरण के एक केस में उसे सात साल की सजा भी हो चुकी है। पुलिस को उसके पास से एक देसी पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद हुई है। फिलहाल उसे इलाज के लिए पीजीआईएमएस रोहतक में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर है।