भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी पर एलन मस्क ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने राहुल का बचाव किया तो भाजपा ने भारतीय कारोबारियों के हितों पर पूछे सवाल
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में व्यावसायिक परिचालन की अनुमति मिलने में हो रही कथित देरी अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है। मस्क ने भारत की लाइसेंस प्रक्रिया पर सवाल उठाए, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उनकी टिप्पणी का स्वागत किया। इसके बाद भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वह विदेशी कंपनी के हितों के लिए भारतीय कारोबारियों के हितों को नजरअंदाज करना चाहते हैं। वहीं, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने राहुल गांधी का बचाव किया है।
एलन मस्क ने लाइसेंस प्रक्रिया पर उठाए सवाल
एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि उनकी कंपनी पिछले पांच वर्षों से भारतीय कानूनों और नियामकीय नियमों का पालन कर रही है, लेकिन इसके बावजूद उसे भारत में कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं मिली है। मस्क के मुताबिक, स्टारलिंक दुनिया के 165 से अधिक देशों में लाइसेंस हासिल कर चुकी है, जबकि भारत में अनुमति मिलने में देरी हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए मुकेश अंबानी का भी जिक्र किया। उनकी इस टिप्पणी के बाद भारत में दूरसंचार कारोबार, नियामकीय प्रक्रिया और बड़ी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा को लेकर बहस तेज हो गई।
राहुल गांधी ने किया मस्क का स्वागत
मस्क की पोस्ट के बाद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारत में मस्क का स्वागत करते हुए व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यहां तब तक इंतजार कीजिए, जब तक आपको दूसरा व्यक्ति नहीं मिल जाता। मस्क ने राहुल गांधी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह स्थिति वास्तव में परेशान करने वाली है।
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में देरी का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया। भाजपा नेताओं ने इसे भारतीय कारोबारियों के हितों से जोड़कर राहुल गांधी पर सवाल उठाए।
सरकार का पक्ष: नियम सभी कंपनियों के लिए समान
स्टारलिंक को मंजूरी मिलने में देरी पर उठे सवालों के बीच सरकार की ओर से कहा गया कि लाइसेंस प्रक्रिया में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, निर्धारित नियमों और जरूरी शर्तों को पूरा करने वाली कंपनियां स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया में शामिल हो सकती हैं। सरकार का कहना है कि मंजूरी का फैसला कंपनी के नाम या उसके मालिक के आधार पर नहीं, बल्कि तय नियमों के अनुसार किया जाता है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी खुद नहीं जानते कि उन्हें क्या करना है और कैसे करना है। सिंधिया के मुताबिक, इसी वजह से लोग उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेते।
भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी स्टारलिंक को भारत में प्रवेश दिलाने की वकालत क्यों कर रहे हैं और क्या इससे भारतीय कंपनियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
कार्ति चिदंबरम बोले- टिप्पणी का गलत अर्थ निकाला गया
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी व्यंग्यात्मक थी और उसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। उनके मुताबिक, राहुल गांधी सरकार और बड़े कारोबारियों के बीच संबंधों पर तंज कर रहे थे। कार्ति ने राहुल की टिप्पणी को इस संदर्भ में समझने की बात कही कि सरकार में प्रभाव और बड़े पूंजीपतियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे।
निशिकांत दुबे ने विदेशी शासन का आरोप लगाया
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह चाहते हैं कि भारत पर फिर से विदेशियों का शासन हो और देश के कारोबारी बर्बाद हो जाएं। भाजपा ने राहुल गांधी की टिप्पणी को भारतीय कारोबारियों के हितों से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
मनोज झा ने किया राहुल गांधी का बचाव
राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल गांधी की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है और उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मनोज झा ने सवाल किया कि अगर राहुल गांधी ने एलन मस्क का भारत में स्वागत किया, तो इसमें गलत क्या है।
राम माधव ने दोनों को दी नसीहत
भाजपा नेता राम माधव ने राहुल गांधी और एलन मस्क, दोनों को नसीहत देते हुए कहा कि भारत को ऐसा देश नहीं समझना चाहिए, जहां व्यवस्था मनमाने ढंग से चलती हो। उन्होंने जोर दिया कि देश में नियम सभी के लिए समान हैं।
राम माधव ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह भी सवाल किया कि जो नेता पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाते थे, वे अब अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क का समर्थन क्यों कर रहे हैं। इस तरह स्टारलिंक की लाइसेंस प्रक्रिया से शुरू हुआ विवाद अब भारतीय कारोबार, सरकारी नीतियों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है।
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