मेरा सिद्धांत है, पढ़ो, कमाओ और लौटाओ : प्रो. डी एन जौहर
पूर्व प्रोफेसर डी एन जौहर ने बनाया स्थायी एंडाउमेंट
हर साल होगी अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता
चंडीगढ़, 9 दिसंबर : पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और पूर्व फैकल्टी सदस्य प्रो. डी. एन जौहर ने अपनी अल्मा मेटर को 3 करोड़ रुपये की भेंट दी है। मोहाली के सेक्टर-123 में स्थित लगभग 3 करोड़ रुपये के एक कनाल का प्लॉट दान करके उन्होंने लॉ डिपार्टमेंट के लिए स्थायी एंडाउमेंट बनाया है। यह हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय को मिलने वाला सबसे बड़ा व्यक्तिगत दान है।
आज कुलपति प्रो. रेणु विग की मौजूदगी में एंडाउमेंट समझौते पर हस्ताक्षर हुए। रजिस्ट्रार प्रो. वाई. पी वर्मा, फाइनेंस एंड डेवलपमेंट ऑफिसर सीए डॉ. विक्रम नैय्यर और प्रो. जौहर ने दस्तावेजों पर साइन किए। इस मौके पर डीन लॉ फैकल्टी प्रो. राजिंदर कौर, चेयरपर्सन प्रो. वंदना अरोड़ा और प्रो. जौहर का पूरा परिवार जिसमें पत्नी आदर्श जौहर, बेटी नसीम जौहर, बेटा अमीन जौहर और बहू पामेला उपस्थित रहे।
प्लॉट बेचकर मिलने वाली राशि को “प्रो. डी. एन जौहर एंडाउमेंट” का कॉर्पस बनाया जाएगा। हर साल मिलने वाली आय का 60 फीसदी हिस्सा शैक्षणिक गतिविधियों पर खर्च होगा जबकि 40 फीसदी हिस्सा फिर से कॉर्पस में जोड़ा जाएगा ताकि यह फंड हमेशा बना रहे।
इस एंडाउमेंट से हर साल तीन बड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अंतरराष्ट्रीय लॉ मूट कोर्ट प्रतियोगिता
प्रो. डी.एन जौहर वार्षिक व्याख्यान,
प्रो. डी.एन जौहर अचीवमेंट अवार्ड
कुलपति प्रो. रेनू विग ने कहा, “प्रो. जौहर ने पूर्व छात्रों के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है। यह दान लॉ डिपार्टमेंट की शैक्षणिक ताकत को बहुत मजबूत करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि दूसरे पूर्व छात्र भी आगे आएंगे।”
अपने संक्षिप्त संबोधन में प्रो. जौहर ने कहा, “मेरा पूरा जीवन पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़ा रहा है। मेरा सिद्धांत है, पढ़ो, कमाओ और लौटाओ। यह एंडाउमेंट आने वाली पीढ़ियों के लिए मेरा छोटा-सा योगदान है।”
प्रो. जौहर ने मैट्रिक से पीएचडी तक की सारी पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी से ही की। 1970 में उन्होंने एलएलएम में 800 में से 501 अंक लेकर आज तक का रिकॉर्ड बनाया जो लाहौर युग से अब तक अटूट है। मात्र 39 वर्ष की उम्र में वे लॉ डिपार्टमेंट के सबसे कम उम्र के स्थायी शिक्षक बने और 2009 में चेयरपर्सन के तौर पर रिटायर हुए। उनके शोध को सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट्स ने कई बार उद्धृत किया है। बाद में वे डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा के कुलपति और जीएनडीयू, अमृतसर में डीन लॉ रहे।
“पढ़ो, कमाओ और लौटाओ” के सिद्धांत पर चलते हुए प्रो. जौहर ने 2019 में देश का पहला रजिस्टर्ड लिविंग विल (एडवांस डायरेक्टिव) बनाया था और 2023 में अपना पूरा शरीर व अंग पीजीआई को दान करने का कानूनी दस्तावेज करवाया था।
लॉ डिपार्टमेंट के छात्र-छात्राएं और शिक्षक इस दान से बेहद उत्साहित हैं।