महाराष्ट्र सरकार एमपीएससी के जरिए बड़ी संख्या में पद भरने की तैयारी में, उच्चाधिकार समिति की सिफारिश पर वस्तुनिष्ठ परीक्षा पैटर्न वापस लाने पर भी विचार करेगी सरकार
राहुल गुप्ता
मुंबई, 22 सितंबर।
महाराष्ट्र सरकार राज्य लोकसेवा आयोग यानी एमपीएससी के जरिए होने वाली भर्तियों में पदों की संख्या में बड़ा इजाफा करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि अगली परीक्षा के लिए इतने ज्यादा पद उपलब्ध कराए जाएंगे कि पिछली भर्तियों के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे।
फडणवीस ने यह भी कहा कि एमपीएससी परीक्षा सुधारों के लिए गठित उच्चाधिकार समिति अगर वस्तुनिष्ठ परीक्षा पैटर्न यानी ऑब्जेक्टिव पैटर्न को दोबारा लागू करने की सिफारिश करती है तो सरकार उस पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी।
एमपीएससी में बढ़ाई जाएगी पदों की संख्या
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में फडणवीस ने कहा कि सरकार एमपीएससी के जरिए उपलब्ध होने वाले पदों की संख्या बढ़ाने पर काम कर रही है। खास तौर पर ग्रुप सी के पदों पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में पांच विभागों ने अपने यहां खाली पदों को लेकर प्रस्तुतियां दीं। फडणवीस ने कहा कि अगली परीक्षा में एमपीएससी के जरिए पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा पद लाने का निर्णय लिया गया है।
ऑब्जेक्टिव परीक्षा पैटर्न पर क्या बोले फडणवीस?
एमपीएससी की परीक्षा प्रणाली में बदलाव को लेकर गठित उच्चाधिकार समिति छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा कर रही है। फडणवीस के मुताबिक, समिति के सामने राज्य सेवा, कृषि, एफएसओ और इंजीनियरिंग सेवा समेत विभिन्न परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव पैटर्न बहाल करने की मांग प्रमुखता से रखी गई है।
उन्होंने कहा कि समिति सभी पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुन रही है और कई बार छह से आठ घंटे तक सुनवाई हो रही है। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अन्य लोगों के साथ सीधे संवाद के जरिए सुझाव लिए जा रहे हैं।
डिस्क्रिप्टिव पैटर्न से फिर ऑब्जेक्टिव की मांग
फडणवीस ने बताया कि पहले दलवी समिति ने एमपीएससी की परीक्षा में ऑब्जेक्टिव पैटर्न से डिस्क्रिप्टिव पैटर्न पर जाने की सिफारिश की थी। इसके बाद सरकार और एमपीएससी ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव लागू करने का निर्णय लिया था।
अब समिति के सामने हुई सुनवाई में खास तौर पर छात्र प्रतिनिधियों की ओर से ऑब्जेक्टिव पैटर्न दोबारा लागू करने की मांग सामने आ रही है।
फडणवीस ने कहा कि अगर उच्चाधिकार समिति डिस्क्रिप्टिव पैटर्न से दोबारा ऑब्जेक्टिव पैटर्न पर लौटने या परीक्षा प्रणाली में किसी अन्य बदलाव की सिफारिश करती है तो सरकार उस पर सकारात्मक रुख अपनाएगी। अंतिम फैसला समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा।
स्थानीय निकायों की भर्तियों के लिए अलग व्यवस्था पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में खाली पदों को भरने के लिए अलग व्यवस्था बनाने पर भी सरकार विचार कर रही है। इन पदों को एमपीएससी या किसी अन्य प्रणाली के जरिए भरने की संभावना पर समिति के साथ चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एमपीएससी से जुड़े मुद्दों पर समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार अंतिम निर्णय लेगी।
समिति को मिले 20 हजार से ज्यादा ईमेल
परीक्षा सुधार समिति की अध्यक्ष वी. राधा ने सोमवार को बताया था कि समिति को अब तक 20 हजार से अधिक ईमेल मिले हैं। इनमें उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में पारदर्शिता, परीक्षाओं और परिणामों के लिए निश्चित कैलेंडर समेत कई सुझाव दिए गए हैं।
समिति प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी तैयार करने के सुझावों पर भी विचार करेगी। इसके अलावा अंकों के सामान्यीकरण के लिए स्पष्ट नियम और परीक्षा रद्द होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर भी चर्चा की जाएगी।
समिति उन उम्मीदवारों के हितों की सुरक्षा के उपायों पर भी विचार करेगी, जिनका चयन परीक्षा प्रक्रिया के तहत पहले ही हो चुका है।
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