Follow

कांग्रेस के दलित उम्मीदवार को रोकने के लिए रची गई राजनीतिक साजिश : जस्सी पेटवाड़

Listen to this article

किसान, युवा और लोकतंत्र के मुद्दों पर नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ का सरकार पर तीखा प्रहार

न्यूज़म ब्यूरो

नारनौंद : विधायक जस्सी पेटवाड़ ने आज नारनौंद अनाज मंडी स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की आय दुगुनी करने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। आज किसान MSP के लिए भटक रहा है, मंडियों में नमी और गुणवत्ता के नाम पर उसकी फसल खारिज की जा रही है और उसे मजबूर होकर कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। पिछले तीन वर्षों में हरियाणा से बीमा कंपनियों ने लगभग 2000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि पूरे देश में यह आंकड़ा 47,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2024 की बाढ़ में लगभग 90 प्रतिशत किसानों को मुआवजा नहीं मिला, लेकिन बीमा कंपनियों ने करीब 900 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया।

Advertisement

विधायक जस्सी पेटवाड़ ने नारनौंद क्षेत्र की स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि पूरे क्षेत्र में केवल लगभग 300 किसानों को ही मुआवजा दिया गया। गांववार आंकड़े भी बेहद चिंताजनक हैं, जो राहत वितरण में भारी असमानता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जब लगभग 5 लाख किसानों ने पोर्टल पर नुकसान दर्ज कराया, तब केवल 53,000 किसानों को ही मुआवजा मिला, जो सरकार की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हिसार के किरतान गांव के किसान सुरेंद्र शर्मा को 3.5 एकड़ नुकसान पर मात्र 235.18 रुपये का मुआवजा दिया जाना इस व्यवस्था की संवेदनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है।

उन्होंने सिंचाई व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हुए कहा कि पेटवाड़ डिस्ट्रिब्यूटरी, सुंदर ब्रांच और हिसार मेजर जैसी नहरों के बावजूद किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। चार-चार सप्ताह के अंतराल के बाद नहर चलाई जाती है और निर्धारित सात दिनों के स्थान पर केवल चार दिन ही पानी दिया जाता है। साथ ही ड्रेनेज व्यवस्था की कमी के कारण बार-बार बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो रही है। खालों की जर्जर स्थिति को देखते हुए उनकी समय सीमा घटाकर 15 वर्ष करने की मांग रखी गई।

युवाओं के मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि HPSC भर्ती प्रक्रिया में 35 प्रतिशत का मानदंड लागू कर हजारों योग्य युवाओं को चयन से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 12,000 से अधिक कौशल कर्मचारियों को हटाया गया है और लगभग 70,000 कर्मचारी आज भी रोजगार सुरक्षा से बाहर हैं। शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को अल्प वेतन पर कार्य कराया जा रहा है, जबकि बाहर के लोगों को अधिक वेतन और सुविधाएं दी जा रही हैं।

उन्होंने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने की मांग रखी तथा मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाकर कम से कम 700 रुपये प्रतिदिन करने और मेट का मानदेय तय करने की भी बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीबों के मकानों की दूसरी क़िस्त नहीं डाली।

नारनौंद क्षेत्र के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पांच कर्म के रास्ते अधूरे हैं, जिससे गांवों का संपर्क बाधित हो रहा है। साथ ही लगभग 30,000 की आबादी वाले क्षेत्र में खेल स्टेडियम का अभाव युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से इन दोनों मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

GST को लेकर उन्होंने कहा कि कफन, दवाइयों और कृषि उपकरणों पर टैक्स लगाया गया है, जबकि पेट्रोल-डीजल को इससे बाहर रखा गया है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर विधायक जस्सी पेटवाड़ ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के दलित वर्ग के उम्मीदवार को रोकने के लिए राजनीतिक साजिश रची गई। कांग्रेस विधायकों के वोटों को दबाव में आकर रद्द किया गया और रिटर्निंग अधिकारी ने निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय पक्षपातपूर्ण तरीके से कार्य किया। उन्होंने INLD विधायकों के अंतिम समय में वोट डालने नहीं आने को जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात बताया।

अंत में उन्होंने शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा देने तथा उनकी जयंती और शहादत दिवस पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग रखते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh