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PGIMER Lecture : Surgical Training में Teacher की भूमिका

Prof .Vivek Lal Director PGIMER delivering the welcome address at the 6th Prof.B.L Talwar Oration Prof .Vivek Lal Director PGIMER delivering the welcome address at the 6th Prof.B.L Talwar Oration
Prof .Vivek Lal Director PGIMER delivering the welcome address at the 6th Prof.B.L Talwar Oration

PGIMER में आयोजित छठे Prof. B. L. Talwar Memorial Lecture में AI और आधुनिक तकनीक के दौर में Surgical Training पर चर्चा हुई।

Dr. R. A. Shastri ने कहा कि तकनीक सर्जिकल कौशल और प्रशिक्षण में मदद कर सकती है, लेकिन एक सर्जन के व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता और नैतिक समझ को विकसित करने में Teacher की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है।

PGIMER Director Prof. Vivek Lal ने संस्थान की संस्थापक पीढ़ी और Prof. B. L. Talwar की विरासत को भी याद किया।

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 28 अगस्त। चंडीगढ़ स्थित PGIMER में आयोजित छठे Prof. B. L. Talwar Memorial Lecture में आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य विषय AI, Simulation और Surgical Training में बदलती तकनीक के बीच Teacher की भूमिका रहा।

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इस अवसर पर डॉक्टरों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और पूर्व प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में Prof. B. L. Talwar के सर्जिकल शिक्षा में योगदान को भी याद किया गया।

The Family Members of Prof. B.L Talwar interacting with the Prof.Vivek Lal,Prof .R .A Sastry and Prof.Sanjay Jain
The Family Members of Prof. B.L Talwar interacting with the Prof.Vivek Lal,Prof .R .A Sastry and Prof.Sanjay Jain

PGIMER Lecture में AI और Surgical Training पर चर्चा

किम्स हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के Dr. R.A. Sastry ने मुख्य व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि AI और Simulation ने चिकित्सा शिक्षा में नए तरीके उपलब्ध कराए हैं।

AI जटिल परिस्थितियों को समझने और सर्जिकल कौशल विकसित करने में मदद कर सकती है। साहित्य के विश्लेषण और प्रशिक्षण के लिए भी इसका उपयोग बढ़ रहा है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि तकनीक को Teacher का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। एक सर्जन को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने की क्षमता भी चाहिए।

Surgical Training में Teacher का अनुभव जरूरी

Dr.  Sastry  ने अपने शुरुआती दिनों और Prof. B. L. Talwar के मार्गदर्शन को याद किया। उन्होंने कहा कि एक अनुभवी Teacher अपने विद्यार्थी को केवल तकनीक नहीं सिखाता।

Teacher कठिन परिस्थितियों को समझने, निर्णय लेने और जिम्मेदारी निभाने का अनुभव भी देता है। यही अनुभव लंबे समय में एक डॉक्टर के पेशेवर व्यक्तित्व को आकार देता है।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक गुरु-शिष्य संबंध में मिलने वाली व्यावहारिक समझ को केवल किताबों या डिजिटल माध्यमों से पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।

AI को Teacher का विकल्प नहीं, सहायक मानने पर जोर

Dr.R.A Sastry delivering the 6th B.L Talwar Oration
Dr.R.A Sastry delivering the 6th B.L Talwar Oration

Dr.सस्त्री ने कहा कि AI जटिल परिस्थितियों का Simulation कर सकती है और परिणामों का अनुमान लगाने में मदद कर सकती है। लेकिन करुणा, नैतिकता, साहस और विनम्रता जैसे गुण तकनीक नहीं सिखा सकती।

उन्होंने कहा कि भविष्य की Surgical Training में AI की भूमिका बढ़ेगी। इसके बावजूद Human Guidance का महत्व बना रहेगा।

उनके अनुसार तकनीक का उपयोग Teacher को अधिक प्रभावी बनाने के लिए होना चाहिए।

Prof. Vivek Lal ने PGIMER की विरासत को किया याद

PGIMER Director Prof. Vivek Lal ने संस्थान की संस्थापक पीढ़ी को याद किया। उन्होंने कहा कि आज संस्थान जिस पहचान और प्रतिष्ठा के साथ काम कर रहा है, उसमें शुरुआती पीढ़ी का महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने Prof. B. L. Talwar की विनम्रता और मरीजों के प्रति समर्पण का भी उल्लेख किया। Prof. Lal ने कहा कि महान शिक्षकों की विरासत केवल स्मरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

उनके मूल्यों को संस्थान की कार्यसंस्कृति और नई पीढ़ी के प्रशिक्षण में आगे बढ़ाना भी जरूरी है।

Medical Education में Technology और Guidance का संतुलन

Dr.Rajesh Gupta HOD Dept.of GI Surgery
Dr.Rajesh Gupta HOD Dept.of GI Surgery

PGIMER Lecture के दौरान यह बात सामने आई कि आधुनिक Medical Education में AI और नई तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

लेकिन तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक चिकित्सा व्यवहार, मरीजों के प्रति जिम्मेदारी और Teacher का मार्गदर्शन भी उतना ही आवश्यक है।

छठे Prof. B. L. Talwar Memorial Lecture में यही संदेश प्रमुख रहा कि भविष्य की Surgical Training में Technology और Human Guidance के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

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