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अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस पर विश्वास फाउंडेशन ने पाली राजस्थान में बहाई ध्यान की गंगा

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चंडीगढ़, 21 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस हर वर्ष 21 दिसंबर को मनाया जाता है। इसी कड़ी में गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के आशीर्वाद से विश्वास फाउंडेशन द्वारा तीन दिवसीय विश्वास मैडिटेशन रिट्रीट का आयोजन पालीवाल धाम, पाली राजस्थान में किया गया। इस रिट्रीट का संचालन विश्वास मैडिटेशन सेंटर पाली के इंचार्ज ऋषि हरीश व्यास, साध्वी गीता व्यास, ऋषि श्रेयांश व्यास व साध्वी सुरभि व्यास द्वारा किया गया।

 

इस मैडिटेशन रिट्रीट में विश्वास फाउंडेशन के 200 साधकों व साध्वियों ने मिलकर ध्यान किया। तीन दिवसीय रिट्रीट में पाँच ध्यान की बैठके हुई। सभी आए हुए मेडीटेटर्स के लिए खाने पीने और रहने का इंतजाम विश्वास मैडिटेशन सेंटर द्वारा निशुल्क रूप से किया गया और सभी के मोबाईल फोन भी तीन दिन के लिए बंद करवा दिए गए। इस रिट्रीट में गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के रिकॉर्डिड गाइडिड मेडिटेशन व सत्संग चलाये गए। 

 

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कार्यक्रम की शुरुवात साधक व साध्वियों के मधुर भजनों से हुई उसके पश्चात गुरुदेव श्री जी के गाइडिड रिकॉर्डिड भजन जागो रे सोने वालों कोई तुम्हें जगाने आया, मेडिटेशन का मौसम तुमको मालिक बनाने आया। ततपश्चात गुरुदेव श्री जी ने कहा कि सुबह-शाम कुछ देर के लिए एकांत में बैठकर मैडिटेशनसाधना करने वाला मानसिक रोगों के अलावा बहुत सी बीमारियों से बचा रह सकता है। दुनियावी विचारों से खुद को अलग करते हुए साधना में बैठने का मतलब अपने तीसरे नेत्र को जागृत करते हुए भीतर बैठे परमात्मा से सीधे मिलना यानी हर खुशी को प्राप्त करना है।

 

 

उन्होंने पुन: फरमाया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बढ़ते मानसिक तनाव के बीचयह दिन हमें रुकने और अपने आंतरिक से जुड़ने की याद दिलाता है। ध्यान न केवल तनाव कम करता हैबल्कि एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक स्थिरता लाने में भी मदद करता है। मैडिटेशन से मन को गहन शांति मिलती है। यह मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। नियमित अभ्यास से ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। 

 

 

स्वास्थ्य में सुधार: यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और नींद में सुधार करता है। मैडिटेशन से व्यक्ति अधिक धैर्यवान और सकारात्मक सोच वाला बनता है। कार्यक्रम का समापन ध्यान जागे मौन जागे गायन जागेहृदय की गहराईऑन से प्रेम जागे रे भजन से हुई। अंत में गुरुदेव श्री जी ने ओम गुरुवे नमः महामंत्र गाकर ध्यान बैठक को सम्पन्न किया।

 
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