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समाधान शिविर की औचक समीक्षा में कुछ जिलों के अफसर नदारद, सीएम खफा !

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मुख्यमंत्री ने समाधान शिविरों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के दिए निर्देश, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश 

न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 9 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने वीरवार को ऑनलाइन माध्यम से सभी जिलों से एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदेशभर में संचालित समाधान शिविरों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से जुड़े नागरिकों की शिकायतें सीधे सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए।

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प्रदेश के सभी जिलों में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को उपायुक्त  तथा उपमंडल अधिकारी कार्यालयों में समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन शिविरों में नागरिक अपनी समस्याएं प्रस्तुत करते हैं। जिन शिकायतों का समाधान मौके पर संभव होता है, उनका तत्काल निपटारा किया जाता है, जबकि शेष मामलों का समाधान 7 से 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाता है।

गौरतलब है कि 10 जून 2024 से आरंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत अब तक प्रदेशभर में लगभग डेढ़ लाख शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से लगभग 78 प्रतिशत शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है।

आज की बैठक में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न जिलों के नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण किया जाए। साथ ही, उन्होंने वर्ष 2024, 2025 और 2026 के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा करते हुए सभी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कुछ जिलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर मुख्यमंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। जिला महेंद्रगढ़ और एसडीएम कार्यालय बादशाहपुर में संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों और एसडीएम को निर्देश दिए कि वे समाधान शिविरों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें और नागरिकों की समस्याओं को सुनें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक प्रत्येक शुक्रवार को आयोजित की जाती है, जिसकी अध्यक्षता संबंधित उपायुक्त द्वारा की जानी चाहिए। जो अधिकारी नियमित रूप से समीक्षा बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं बैठकों की अध्यक्षता करें और लंबित शिकायतों के समाधान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक प्रियंका सोनी, मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती और विवेक कालिया सहित अन्य अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे।

 

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