Namo Shramik Seva Kendra के तहत दिल्ली में श्रमिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने की पहल शुरू हुई है
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली | Seva Sankalp Abhiyan के तहत शुरू की गई मोबाइल वैन निर्माण श्रमिकों तक सेवाएं पहुंचाएंगी।
श्रमिकों को सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत कम करने पर जोर है।
वैन निर्माण स्थलों, लेबर चौकों और श्रमिकों की मौजूदगी वाले इलाकों में जाएंगी।
मौके पर दस्तावेज सहायता, डिजिटल सेवाएं और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को चार Namo Shramik Seva Kendra मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई। यह पहल श्रमिकों तक सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। वैन उन इलाकों में जाएंगी, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम करते हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार, यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चल रहे Seva Sankalp Abhiyan का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों की बार-बार सरकारी कार्यालयों तक पहुंच को कम करना है।

Namo Shramik Seva Kendra : मौके पर मिलेंगी कई सेवाएं
Namo Shramik Seva Kendra की मोबाइल वैन एक तरह की चलती सेवा इकाई के रूप में काम करेंगी। इनमें श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी भी मौके पर दी जाएगी।
श्रमिकों को जरूरी दस्तावेज तैयार करने में सहायता, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और सरकारी सुविधाओं से जुड़े मार्गदर्शन की सुविधा भी देने की बात कही गई है। इस व्यवस्था के जरिए सेवाओं को श्रमिकों के कार्यस्थल के करीब लाने पर जोर है।
Construction Workers के पंजीकरण पर विशेष फोकस

दिल्ली सरकार के अनुसार, Construction Workers तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में एक बड़ी चुनौती व्यवस्थित पंजीकरण की रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मोबाइल वैन के जरिए मौके पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
ये वैन निर्माण स्थलों, लेबर चौकों और उन स्थानों पर जाएंगी, जहां निर्माण श्रमिक काम करते हैं। श्रमिक वहीं पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। उन्हें जरूरी प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी।
निर्माण श्रमिकों को दिल्ली बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड यानी DBOCWWB के साथ पंजीकृत होना जरूरी है। इसी पंजीकरण के आधार पर दिल्ली सरकार की संबंधित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाता है।
Seva Sankalp Abhiyan के तहत 13 वैन की योजना

Seva Sankalp Abhiyan के तहत फिलहाल चार मोबाइल वैन रवाना की गई हैं। आने वाले दिनों में दिल्ली के सभी जिलों में कुल 13 वैन तैनात करने की योजना है। प्रत्येक जिले में एक वैन उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
इससे श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं की जानकारी के लिए अपने काम की जगह से दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। मोबाइल वैन स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाएंगी।
Labour Welfare : श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने पर जोर

Labour Welfare के तहत सरकार का फोकस सिर्फ पंजीकरण तक सीमित नहीं है। मोबाइल वैन के जरिए श्रमिकों को विभिन्न सरकारी सुविधाओं और लाभों की जानकारी भी देने की व्यवस्था की गई है। इससे उन श्रमिकों को सहायता मिल सकती है, जिन्हें योजनाओं की प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल पाती।
दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि निर्माण श्रमिक अब पंजीकरण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी पर्याप्त जानकारी से वंचित नहीं रहेंगे। उन्होंने मोबाइल सेवा को श्रमिकों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था के रूप में बताया।
इस पहल में पंजीकरण से लेकर नवीनीकरण और डिजिटल सहायता तक कई सेवाओं को एक ही जगह उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। अब आगामी चरण में बाकी जिलों में वैन की तैनाती और उनके संचालन पर नजर रहेगी।
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