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Multimodal Integration : दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशनों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर, 5.5 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी

UTTIPEC meeting approves multimodal integration plans for six Delhi Metro stations UTTIPEC meeting approves multimodal integration plans for six Delhi Metro stations
UTTIPEC meeting approves multimodal integration plans for six Delhi Metro stations

दिल्ली में Multimodal Integration को बढ़ावा देने के लिए छह मेट्रो स्टेशनों की योजनाओं को मंजूरी दी गई है

UTTIPEC ने GTB नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी वेस्ट, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन के आसपास यातायात सुधार की योजना को मंजूरी दी है

न्यूज़म ब्यूरो

नई दिल्ली, 24 सितंबर | दिल्ली के परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए Delhi Metro Connectivity और सड़क परियोजनाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। UTTIPEC की 70वीं बैठक में छह मेट्रो स्टेशनों के लिए MMI योजनाएं स्वीकृत की गईं। इसके साथ मां आनंदमयी मार्ग पर 5.5 किलोमीटर के Elevated Corridor और मुकरबा चौक के पास ROB विस्तार को भी मंजूरी दी गई। प्रस्तावित नए ROB से करीब 20 प्रतिशत ट्रैफिक को डायवर्ट करने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पैदल यात्रियों की सुरक्षा, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी, सार्वजनिक परिवहन की पहुंच और दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है।

LG Taranjit Singh Sandhu
LG Taranjit Singh Sandhu

Multimodal Integration के तहत 6 मेट्रो स्टेशनों पर होगा काम

दिल्ली में मेट्रो यात्रियों और पैदल लोगों की आवाजाही को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। Unified Traffic & Transportation Infrastructure (Planning & Engineering) Centre यानी UTTIPEC ने छह मेट्रो स्टेशनों के लिए Multimodal Integration योजनाओं को मंजूरी दी है।

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यह फैसला UTTIPEC की 70वीं गवर्निंग बॉडी बैठक में लिया गया। बैठक में दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली सरकार, DMRC, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और PWD समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

DMRC ने इन छह स्टेशनों के आसपास यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए योजनाएं तैयार की थीं। इनमें GTB नगर, सरिता विहार, अक्षरधाम, रोहिणी वेस्ट/डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल, मालवीय नगर और शास्त्री पार्क मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।

Delhi Metro Connectivity को बेहतर बनाने पर जोर

इन योजनाओं में प्रत्येक मेट्रो स्टेशन के करीब 300 मीटर के क्षेत्र को शामिल किया गया है। यहां पैदल यात्रियों की सुविधा और सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए कई बदलाव किए जाएंगे।

योजना का एक प्रमुख हिस्सा Delhi Metro Connectivity को मजबूत करना है। मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने वाले यात्रियों के लिए पैदल रास्ते और लास्ट-माइल परिवहन को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

DDA के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, DMRC द्वारा दिल्ली के फेज-1 और फेज-2 मेट्रो कॉरिडोर के लिए तैयार की गई सभी 31 MMI योजनाओं को अब मंजूरी मिल चुकी है। इन योजनाओं में पैदल सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन की पहुंच को प्राथमिकता दी गई है।

Elevated Corridor से दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक होगा व्यवस्थित

UTTIPEC ने दक्षिण दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी है। मां आनंदमयी मार्ग पर छह लेन का Elevated Corridor प्रस्तावित है।

यह कॉरिडोर आउटर रिंग रोड से महरौली-बदरपुर रोड के बीच बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 5.5 किलोमीटर होगी। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड 12 व्यस्त चौराहों को बायपास करेगा।

अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य ओखला फेज-1 और फेज-2 औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले भारी यातायात के कारण होने वाली भीड़ को कम करना है।

ओखला एस्टेट मार्ग पर क्राउन प्लाजा चौराहे के पास अंडरपास और राउंडअबाउट बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से सड़क के निचले हिस्से में पैदल और गैर-मोटर चालित परिवहन के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सकेगी।

Mukarba Chowk पर ROB को किया जाएगा चौड़ा

उत्तर-पश्चिम दिल्ली के Mukarba Chowk पर यातायात दबाव कम करने के लिए भी परियोजना को मंजूरी मिली है। इसके तहत आउटर रिंग रोड पर मौजूदा रोड ओवरब्रिज को चौड़ा किया जाएगा।

मौजूदा छह लेन वाले ROB को बढ़ाकर 10 लेन करने की योजना है। इसके अलावा जहांगीरपुरी इंडस्ट्रियल एरिया और संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर के बीच चार लेन का नया ROB बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

यह नया ROB दिल्ली-सोनीपत रेलवे लाइन के ऊपर बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इसके शुरू होने के बाद मुकरबा चौक से गुजरने वाले करीब 20 प्रतिशत वाहनों को दूसरे मार्ग पर डायवर्ट किया जा सकता है।

Metro Connectivity के साथ सड़क ढांचे पर भी फोकस

इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल मेट्रो स्टेशनों के आसपास सुविधाएं बढ़ाना नहीं है। सड़क और सार्वजनिक परिवहन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया गया है।

मुकरबा चौक से जुड़े प्रस्तावों से नेशनल हाईवे-44 के आसपास यातायात दबाव कम करने का लक्ष्य है। वहीं एलिवेटेड कॉरिडोर से दक्षिण दिल्ली के व्यस्त हिस्सों में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की योजना है।

अब स्वीकृत परियोजनाएं संबंधित एजेंसियों द्वारा योजना और क्रियान्वयन के अगले चरण में जाएंगी। इन कामों के जरिए दिल्ली में Multimodal Integration, पैदल सुरक्षा, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और सार्वजनिक परिवहन की पहुंच को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।

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