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नैक ए+ रेंटिग का झूठ बोलकर एमडीयू ने लाखों युवाओं के साथ किया बड़ा धोखा, राज्यपाल से ठोस कार्रवाई की मांग : दुष्यंत चौटाला

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एमडीयू वीसी को तुरंत हटाया जाए और उच्च स्तरीय जांच करवाकर सभी दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई : पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला

 

 चंडीगढ़, 3 दिसंबर। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक द्वारा झूठी नैक रेटिंग दिखाकर लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के गंभीर विषय को लेकर जननायक जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के महामहिम राज्यपाल प्रो असीम कुमार घोष से मुलाकात की हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और एक उच्च स्तरीय कमेटी से जांच करवाकर सभी दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करवाने की मांग उठाई है। मौके पर राज्यपाल के सचिव दुष्मंत कुमार बेहरा मौजूद रहे।

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पत्रकारों से रूबरू होते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मार्च 2024 में ही एमडीयू की नैक रैंकिंग की मान्यता खत्म हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद भी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने झूठ और असंवैधानिक तरीके से न केवल बच्चों को ए+ रेटिंग बता कर उनके दाखिले करवाए बल्कि दो बैच के बच्चों को तो ए+ रेटिंग लिखी हुई डिग्रियां और मार्कशीट वितरण की। उन्होंने कहा कि एमडीयू के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते आज डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

 

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज भी एमडीयू आधिकारिक तौर पर नैक ए+ रेटिंग का झूठा दावा करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि ये मामला तब संज्ञान में आया जब नैक ने ही एमडीयू को पत्र लिखकर इसे उजागर किया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एमडीयू के वाइस चांसलर नैक रेटिंग कमेटी के मुखिया हैं और उनकी ही जिम्मेदारी बनती थी कि खत्म होने के बाद नैक रैंकिंग को दोबारा अपडेट करवाया जाए, लेकिन रेटिंग गिरने के डर से वीसी जानबूझकर इस प्रक्रिया से बचते रहे। इतना ही नहीं अब एमडीयू अपनी नाकामी को छुपाने के लिए नई योजना की आड़ में नैक रेटिंग प्रक्रिया को अंधेरे में रखने की बात कह रही है।

 

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह पूरा मामला राज्यपाल के संज्ञान में लाया गया है, अगर फिर भी सरकार कोई कार्रवाई नहीं करती है तो जेजेपी चुप नहीं बेठैगी। उन्होंने कहा कि जेजेपी और छात्र संगठन इनसो कानूनी कार्रवाई की तरफ रुख करेगी और तथ्य छुपाने, धोखाधड़ी जैसे आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई करवाने के लिए कानून का सहारा लेगी, जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ये तो साफ-साफ धोखा है, क्योंकि जब कोई युवा इस यूनिवर्सिटी की डिग्री को ए प्लस रेटिंग समझकर किसी बड़ी कंपनी में रोजगार के लिए आवेदन करेगा और वेरिफ़िकेशन में यह गलत मिलेगा तो उसे कौन नौकरी देगा ? उन्होंने कहा कि इससे पहले भी देश में कई विश्वविद्यालयों से जुड़े ऐसे गंभीर मामले सामने आए थे और उनमें संबंधित वीसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई।

 

साथ ही पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमारी यह भी मांग है कि भविष्य में किसी भी विश्वविद्यालय में इस तरह की लापरवाही सामने नहीं आने चाहिए और सरकार को  विश्वविद्यालय की दोबारा नैक रेटिंग करवानी चाहिए। दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी को इस मामले में तुरंत एक्शन लेना चाहिए और दोषी वीसी को हटाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम को पूरे मामले की सही से जांच करवाकर एमडीयू प्रशासन के सभी दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस अवसर पर जेजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ केसी बांगड़, रणधीर सिंह, प्रदीप देशवाल, दीपकमल सहारण आदि मौजूद रहे।

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