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महापौर रितू तावड़े ने अपने ही वार्ड से शुरू किया ‘फ्लेक्समुक्त मुंबई’ अभियान

घाटकोपर में अवैध बैनर और पोस्टर हटाए; अनधिकृत विज्ञापन फलक लगाने वालों पर सख्ती की तैयारी

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 14 अक्टूबर। मुंबई को अवैध फ्लेक्स बैनर, पोस्टर और स्टिकर से मुक्त बनाने के लिए महापौर रितू राजेश तावड़े ने बुधवार को अपने ही नगरसेवक वार्ड से अभियान की शुरुआत की। उन्होंने घाटकोपर पूर्व के झुलेलाल चौक (विक्रांत सर्कल) और गारोडिया नगर परिसर में सड़क पर उतरकर अनधिकृत विज्ञापन फलक, बैनर और पोस्टर हटाए। महापौर ने इस पहल के जरिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे केवल घोषणाएं करने के बजाय स्वयं आगे आकर मुंबई को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें।

‘शाडू बाप्पा दस दिन, फ्लेक्समुक्त मुंबई 365 दिन’ अभियान

मुंबई में अनधिकृत बैनर और पोस्टर की समस्या से निपटने के लिए महापौर ने हाल ही में ‘शाडू बाप्पा दस दिन – फ्लेक्समुक्त मुंबई 365 दिन’ विशेष अभियान की घोषणा की थी। इस अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण के संदेश को पूरे वर्ष जारी रखना और शहर को प्लास्टिक तथा फ्लेक्स कचरे से मुक्त बनाना है।

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महापौर ने सभी राजनीतिक दलों से इस अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया है। इसी क्रम में 14 अक्टूबर की सुबह उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एन विभाग के अंतर्गत आने वाले घाटकोपर पूर्व क्षेत्र में अभियान को अमलीजामा पहनाया।

घाटकोपर में अनधिकृत फलक हटाए

झुलेलाल चौक (विक्रांत सर्कल) और गारोडिया नगर परिसर में लगाए गए अनधिकृत विज्ञापन फलक, बैनर और पोस्टर हटाने की कार्रवाई की गई। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि हटाए गए फलक वाले स्थानों पर दोबारा अवैध बैनर न लगाए जाएं और इसके लिए नियमित निगरानी की जाए।

इस कार्रवाई के दौरान बीएमसी के लाइसेंसिंग विभाग, रखरखाव विभाग, अतिक्रमण निष्कासन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।

अवैध बैनरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

मुंबई को प्लास्टिक, फ्लेक्स और अनधिकृत विज्ञापन फलक की समस्या से स्थायी रूप से मुक्त करने के लिए महापौर ने बीएमसी प्रशासन को पत्र लिखकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अभियान को व्यापक बनाने के लिए वह विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुखों और नेताओं को भी पत्र भेज रही हैं, ताकि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी इस पहल में सहयोग करें।

प्रस्तावित उपायों में अधिकृत विज्ञापन फलक पर क्यूआर कोड प्रणाली अनिवार्य करना, बिना अनुमति बैनर और पोस्टर छापने वाले प्रिंटरों तथा एजेंसियों को काली सूची में डालना और नागरिकों की शिकायतों का अधिकतम 72 घंटे के भीतर निपटारा करना शामिल है।

पर्यावरण संरक्षण के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील

महापौर रितू तावड़े ने कहा कि जिस तरह गणेशोत्सव में शाडू मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, उसी तरह पूरे वर्ष मुंबई को प्लास्टिक और फ्लेक्स कचरे से मुक्त रखना प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।

उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की। उनके अनुसार, शहर की सुंदरता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

अपने वार्ड से शुरुआत कर दिया संदेश

महापौर ने अपने ही नगरसेवक वार्ड से अभियान की शुरुआत करके अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने उदाहरण प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस पहल के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि मुंबई के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।

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