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साइबर ठगों को 10 हजार रुपये में बैंक खाता देने का आरोपी मैनेजर काबू

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न्यूज़म ब्यूरो

गुरुग्राम। स्टॉक ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेन्ट करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी करके ठगी करने में संलिप्त बैंक मैनेजर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह सब फर्जी ऐप के द्वारा किया जा रहा था। आरोपी बैंक मैनेजर साइबर ठगों के कहे अनुसार 10 हजार रुपये कमीशन लेकर फर्जी बैंक खाते खोलता था। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने गुरुवार को बताया कि पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार एक नवंबर 2025 को एक व्यक्ति ने पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत दी। वाट्सऐप गु्रप व फर्जी ऐप के माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग, आईपीओ ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेन्ट करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी से ठगी करने की बात शिकायत में कही गई। इस शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम में केस दर्ज करके जांच शुरू की गई। साइबर अपराध थाना दक्षिण के प्रबंधक निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुग्राम से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अनूप (उम्र-35 वर्ष, शिक्षा-एम.बी.ए) निवासी बिजवासन, दिल्ली के रूप में हुई। आरोपी अनूप से पुलिस पूछताछ में पता चला कि वह वर्ष-2024 से आर.बी.एल. बैंक सेक्टर-14 गुरुग्राम शाखा में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। इस मामले में ठगी गई राशि में से दो लाख रुपये तारा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। यह बैंक खाता उसने (आरोपी अनूप ने) साइबर ठगी करने वाले आरोपियों के कहने पर खोला था। जिसके बदले उसको 10 हजार रुपये कमीशन के मिले थे। वह साइबर ठगों के कहने पर अब तक पांच बैंक खाते खोल चुका है। प्रत्येक बैंक खाता खोलने के बदले उसे 10 हजार रुपये कमीशन मिलता है।

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पुलिस टीम द्वारा इस मामले में आरोपी अनूप सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि पूर्व में पांच आरोपियों को 30 दिसंबर 2025 को राजेंद्रा पार्क गुरुग्राम से काबू किया था। आरोपियों की पहचान शेर बहादुर कार्की निवासी गांव बनसा, जिला कंचनपुर (नेपाल), मिलन थापा निवासी गांव बानी, जिला कंचनपुर (नेपाल), यनजय राय निवासी गांव इठरी, जिला कोशी (नेपाल), मनीष निवासी गांव ऐंथपुर, जिला कंचनपुर (नेपाल) व विरेन्द्र पाल सिंह निवासी गांव बलमगढ़, जिला पटियाला (पंजाब) के रुप में हुई थी।

 

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