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हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए नेता प्रतिपक्ष

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किताब न दे पाने का तर्क भी बचकाना, हर तरफ अफरातरफी का माहौल

न्यूज़म ब्यूरो

शिमला : हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर शिमला स्थित लोक भवन में हिमाचल प्रदेश के नवनियुक्त राज्यपाल कविंद्र गुप्ता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को नई जिम्मेदारी संभालने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कविंद्र गुप्ता अपने अनुभव और दूरदर्शिता से राज्यपाल के रूप में संवैधानिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे तथा प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राज्यपाल  कविंद्र गुप्ता के सफल, प्रभावी और गरिमामय कार्यकाल की कामना भी की।

बिना किताबों के ही सीबीएसई स्कूलों में कैसे पढ़ेंगे बच्चे 

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि सरकार द्वारा 2 साल से प्रदेश में कई स्कूलों के सीबीएसई में परिवर्तित करने की घोषणा की गई। इतना समय बीतने के बाद भी बिना तैयारी के कुछ स्कूलों में सीबीएसई के तहत पढ़ाई शुरू कर दी लेकिन एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी सरकार उन छात्रों को किताबें भी मुहैया नहीं करवा पाई है। जिस कारण बच्चों को बिना किताब के ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। मार्च के अंत तक बच्चों का “फॉर्मेटिव एसेसमेंट” होना है लेकिन अभी तक किताबें नहीं मिल पाई हैं। स्कूल द्वारा बच्चों को हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। सरकार द्वारा समय से किताबें  उपलब्ध करवाए जाने के बजाय जिम्मेदार लोगों द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि सीबीएसई और हिमाचल प्रदेश बोर्ड के पाठ्यक्रम एक जैसे हैं। जिम्मेदार लोगों को इस तरीके के बेतुके बयान देने की बजाय बच्चों को समय से किताबें उपलब्ध करवाने पर सरकार को ध्यान देना चाहिए।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि सीबीएसई स्कूल के नाम पर कहीं भी स्पष्टता नहीं है। अभी शिक्षकों का भी तबादला नहीं हुआ है। वही शिक्षक पढ़ा रहे हैं जो पहले हिमाचल बोर्ड में पढ़ाते थे। उसमें भी हैरत की बातें है कि हर सीबीएसई स्कूल में कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो सीबीएसई में जाने को इच्छुक भी नहीं है। सीबीएसई स्कूलों के लिए सरकार द्वारा शिक्षकों की परीक्षा हेतु 22 मार्च की तारीख निर्धारित की गई है।  यदि निर्धारित  तिथि पर भी यह परीक्षा आयोजित होती है तब भी इसको पूरा होने में महीनों का समय लगेगा।  सरकार द्वारा इतना समय लिए जाने के बाद भी सीबीएसई के नाम पर खोले गए स्कूलों में तैयारी का पूरी तरीके से अभाव है।  सुक्खू सरकार द्वारा चयनित ज्यादातर स्कूल पीएम श्री योजना के तहत आने वाले स्कूल हैं इसलिए उनमें इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है लेकिन बिना शिक्षकों और किताबों के पढ़ाई कैसे होगी इसका जवाब सरकार के पास नहीं है। यदि सरकार ने सीबीएसई बोर्ड के तहत कुछ स्कूलों में पाठ्यक्रम शुरू कर रही है तो उसे पूरी तरह से लागू किया जाए जिससे उसमें पढ़ने वाले छात्रों को लाभ मिल सके।

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