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Kishau Power Project : हिमाचल को हर साल ₹1,200 करोड़ की आय

CM Sukhvinder Singh Sukhu on the Kishau Power Project agreement CM Sukhvinder Singh Sukhu on the Kishau Power Project agreement
CM Sukhvinder Singh Sukhu on the Kishau Power Project agreement

हिमाचल प्रदेश को Kishau Power Project से हर साल करीब ₹1,200 करोड़ की आय की उम्मीद है

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को यह जानकारी दी

न्यूज़म ब्यूरो

शिमला, 16 सितंबर | Kishau Power Project से हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब ₹1,200 करोड़ की आय की उम्मीद है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने 211 मेगावाट बिजली और प्रभावित परिवारों के मुआवजे को लेकर जानकारी दी।

Kishau Power Project से 211 मेगावाट बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा कि समझौते से हिमाचल को 211 मेगावाट बिजली मिलेगी। राज्य को इस बिजली की उत्पादन लागत नहीं उठानी होगी। इसका खर्च परियोजना के पानी का इस्तेमाल करने वाले राज्य उठाएंगे।

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उन्होंने बताया कि पहले हिमाचल की सालाना आय करीब ₹600 करोड़ आंकी गई थी। नए अनुमानों में यह राशि करीब ₹1,200 करोड़ बताई गई है। परियोजना पूरी होने के बाद यह आय मिलने की उम्मीद है।

तीन साल तक चला बातचीत का दौर

सुक्खू के अनुसार, पुराने समझौते में हिमाचल को बिजली की लागत उठानी थी। राज्य सरकार ने इस व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद करीब तीन साल तक बातचीत जारी रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बातचीत में हिमाचल के हितों को प्राथमिकता दी गई। उनके अनुसार, नए समझौते में बिजली लागत का प्रावधान बदला गया है। अब यह खर्च पानी का उपयोग करने वाले राज्यों द्वारा उठाया जाएगा।

परियोजना पर छह राज्यों की सहमति

किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से छह राज्य जुड़े हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। दिल्ली और राजस्थान भी इस समझौते का हिस्सा हैं।

15 सितंबर को इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह कार्यक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में हुआ।

परियोजना टोंस नदी पर प्रस्तावित है। यह नदी हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा से होकर गुजरती है। परियोजना की क्षमता 422 मेगावाट बताई गई है।

प्रभावित परिवारों को मिलेगा मुआवजा

सुक्खू ने परियोजना से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भुगतान भूमि अधिग्रहण के लागू प्रावधानों के अनुसार होगा।

मुख्यमंत्री के अनुसार, हिमाचल में प्रभावित गांवों की संख्या कम रहेगी। उत्तराखंड में प्रभावित गांवों की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक होगी।

परियोजना से जुड़ी अन्य जानकारी

केंद्र सरकार ने किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया है। परियोजना में करीब 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल भंडारण क्षमता होगी। इससे लगभग 97,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का प्रावधान है। परियोजना से 1,476 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है।

केंद्र सरकार जल घटक की करीब 90 प्रतिशत लागत वहन करेगी। शेष 10 प्रतिशत वित्तीय भार भागीदार राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा।

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