न्यूजीलैंड की धरती अब नमस्ते मोदी के नारों से गूंजने को तैयार
फॉरेन अफेयर्स डिपार्टमेंट के कोर कमेटी मेंबर अश्विन जौहर ने दी जानकारी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 7 जुलाई। न्यूजीलैंड की धरती अब नमस्ते मोदी के नारों से गूंजने को तैयार है। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के साथ वहां भारत का डंका बजेगा। कार्यक्रम के फॉरेन अफेयर्स डिपार्टमेंट कोर कमेटी मेंबर अश्विन जौहर के मुताबिक इस समारोह में 12 हजार लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करेंगे।
अश्विन जौहर का कहना है कि न्यूज़ीलैंड में रह रहे भारतीय समाज की महीनों की मेहनत रंग ला रही है। पिछले हफ्ते न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ उनकी मुलाकात हुई थी। मुलाकात ऑकलैंड में हुई और बातचीत का एक ही मुद्दा था।
11 जुलाई को होने वाला भव्य कार्यक्रम किआ ओरा मोदी यानी नमस्ते मोदी। किआ ओरा मौरी भाषा में नमस्ते का मतलब होता है। इसी भाव के साथ इस इवेंट का नाम किआ ओरा रखा है। पीएम लक्सन ने खुद कहा कि न्यूजीलैंड भारत के साथ अपने रिश्तों को नई ऊंचाई देना चाहते है और इस कार्यक्रम से बड़ा संदेश जाएगा।
ऑकलैंड के सबसे बड़े वेन्यू में इस कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। भारतीय मूल के लोग दिन-रात जुटे हुए है। इस बार रिकॉर्ड तोड़ भीड़ होगी। 12 हजार से ज्यादा भारतीय और कीवी नागरिक पीएम मोदी और पीएम लक्सन का स्वागत करने के लिए एक साथ आएंगे। स्टेज, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भारत, न्यूजीलैंड के झंडे और दोनों देशों की दोस्ती की कहानी यानी सब कुछ भव्य स्तर पर होगा। न्यूजीलैंड में बसे भारतीय समुदाय के लिए यह सिर्फ एक इवेंट नहीं, बल्कि सम्मान का पल है। प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के कार्यक्रमों के बाद वह ऑस्ट्रेलिया जाएंगे और वहां से सीधे 11 तारीख को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यानी ऑस्ट्रेलिया के बाद अगला पड़ाव सीधा ऑकलैंड है। एयरपोर्ट से लेकर वेन्यू तक सुरक्षा और स्वागत की तैयारियां पूरी हैं।
-12 हजार लोग करेंगे पीएम का स्वागत
प्रवासी भारतीयों ने सथानीय प्रशासन और दोनों देशों के नेताओं के बीच समन्वय का काम किया है। पीएम लक्सन के साथ बैठक में अश्विन जौहर ने कहा कि भारत एक महत्वपूर्ण साझेदार है। जब 12 हजार लोग एक साथ किआ ओरा मोदी बोलेंगे तो यह सिर्फ अभिवादन नहीं होगा, यह दो लोकतंत्रों की दोस्ती का प्रतीक होगा। पहली बार न्यूजीलैंड में इतने बड़े स्तर पर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत होगा। मौरी संस्कृति, हाका नृत्य और भारतीय भजन एक ही मंच पर होंगे। उन्होंने कहा कि हम यहां न्यूजीलैंड में उनकी अगवानी के लिए तैयार हैं। आने वाली 11 जुलाई सिर्फ एक तारीख नहीं है। यह उस दिन की शुरुआत है जब दुनिया देखेगी कि कैसे भारत और न्यूजीलैंड किआ ओरा के साथ एक-दूसरे को गले लगाएंगे।
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