Follow

केवल सिंह पठानिया ने दिल्ली में की केसी वेणुगोपाल से शिष्टाचार भेंट

प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन में देश का आदर्श राज्य बना हिमाचल;

किशाऊ बांध और जलविद्युत परियोजनाओं से सालाना आय में होगी करोड़ों की वृद्धि

हिमाचल प्रदेश की विकासात्मक योजनाओं पर की चर्चा

न्यूज़म ब्यूरो

शिमला, 9 जुलाई, 2026 : हिमाचल प्रदेश के उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने आज नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव एवं सांसद केसी वेणुगोपाल के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उप-मुख्य सचेतक ने के.सी. वेणुगोपाल को प्रदेश में चलाई जा रही विकासात्मक परियोजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती पद्धति को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों को अनेक प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं जिनका लाभ उठाकर किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्राकृतिक खेती के आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।

फसलों और दूध के लिए MSP देने वाला देश का पहला राज्य : किसानों की आय में ऐतिहासिक सुधार

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, देश का पहला राज्य है जिसने प्राकृतिक खेती से तैयार की गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) प्रदान किया है। राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार की गई फसलों की एमएसपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। अब प्राकृतिक खेती से तैयार किए गए गेहूं की खरीद 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलोग्राम, पांगी घाटी की जौ 80 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक की 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद की जा रही है। पशु पालकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से गाय के दूध के एमएसपी को 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के एमएसपी को 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।

Advertisement

पावर प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा प्रदेश का खजाना: किशाऊ और कड़छम-वांगतू परियोजना से होगी बंपर रॉयल्टी

उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों के हितों की रक्षा कर रही है। सरकार ने किशाऊ बांध परियोजना में बड़ी सफलता हासिल की है। अब 15,000 करोड़ रुपये से निर्मित होने वाली 422 मेगावाट की इस परियोजना के बनने पर बिजली उत्पादन के रूप में होने वाले 2,000 करोड़ रुपये के खर्च को पानी के रूप में लाभान्वित होने वाले दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा राज्य वहन करेंगे। इससे बिजली उत्पादन शुरू होने पर हिमाचल को हर साल 600 करोड़ रुपये की आय सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त, कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना में जेएसडब्ल्यू एनर्जी कंपनी राज्य को 12 प्रतिशत के बजाय 18 प्रतिशत रॉयल्टी प्रदान करेगी जिससे प्रदेश के खजाने में प्रतिवर्ष 250 करोड़ से अधिक की आय होगी।

उप-मुख्य सचेतक ने कहा कि इस अवसर पर के.सी. वेणुगोपाल के साथ विभिन्न विषयों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ। उनका मार्गदर्शन, अनुभव और रणनीति हमारे लिए निरन्तर प्रेरणा एवं नई ऊर्जा का स्रोत है।

पढ़ने के लिए धन्यवाद

आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।

Advertisement
Tap to Refresh