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कर्मवीर बौद्ध जीते, 5 कांग्रेसी विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग, हाईकमांड को भेजे नाम : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

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बीजेपी का लोकतंत्र और जनमत में कोई भरोसा नहीं : हुड्डा

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 17 मार्च। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी राज्यसभा चुनाव में भी वोट चोरी के अपराध को अंजाम देने से बाज नहीं आई। इस चुनाव में सत्ताबल का दुरुपयोग कर बीजेपी ने हमारे नेता राहुल गांधी के आरोपों को सच साबित कर दिया है। संख्याबल ना होते हुए भी बीजेपी द्वारा पार्टी उपाध्यक्ष दूसरे उम्मीदवार को चुनाव में उतारना बताता है कि इस पार्टी का लोकतंत्र और जनमत में कोई भरोसा नहीं है। ये सिर्फ हथकड़ों के दम पर जीतना चाहती है।

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मंगलवार को हरियाणा विधानसभा में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी ने लोकतंत्र का गला घोंटने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए। सरकारी तंत्र का जमकर दुरुपयोग किया गया। कांग्रेस के चार वैध वोट भी रद्द कर दिए गए, जबकि वे वोट रिटर्निंग ऑफिसर ने कई बार स्वीकार भी किए थे। बता दें कि राजयसभा के लिए हुए चुनाव ऐसा कांग्रेसी उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध विजयी हुए हैं, जिसके लिए कांग्रेस के विधायकन और सांसदों में हर्ष की लहर है। कांग्रेस विधायकों का कहना है कि जहाँ भी राजयसभा के चुनाव हुए उनमें सिर्फ हरियाणा में ही कांग्रेस का एक उम्मीदवार जीता है, बाकी जगहों पर हार का मुहं देखना पड़ा है।

 

विधायक भारत भूषण बतरा ने बताया कि बीजेपी को जितवाने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर ने पूरी तरह बीजेपी का एजेंट बनकर काम किया। फिर भी, कांग्रेस के वफादार विधायकों की एकजुटता के आगे बीजेपी और रिटर्निंग ऑफिसर दोनों को मुंह की खानी पड़ी। आखिरकार कांग्रेस उम्मीदवार राज्यसभा पहुंच गए। उन्होंने यव भी कहा कि जो चार वोट रद्द किये गए उनमें ऊपर कि तरफ एक छोटी सी बिंदुनुमा निशान था, जो पहले से लगा हुआ था, उसी के आधार पर रिटर्निंग अफसर ने कांग्रेस के चार विधायकों के वोट रद्द किये, जिसे देखकर एक सोची समझी साजिश जैसा प्रतीत है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जिन 5 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी के विरुद्ध क्रॉस वोटिंग की, उनके नाम हाईकमान को भेज दिए गए हैं। इन सभी को खुद ही विधायक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, वरना आने वाले कुछ दिनों में पार्टी की ओर से इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों ने कांग्रेस पार्टी को धोखा नहीं दिया, बल्कि क्षेत्र के उन मतदाताओं को दिया है, जिन्होंने इन पांच विधायकों को चुनकर विधानसभा भेजा। इन लोगों को न सिर्फ पार्टी, बल्कि उनके हलके की जनता भी सबक सिखाएगी। इसके साथ-साथ सोशल मीडिया पर बादली विधायक कुलदीप वत्स के वोट को लेकर गलत प्रचार किया जा रहा है, मैने खुद कुलदीप वत्स का वोट देखा था, उन्होंने अपना वोट कांग्रेस प्रत्याशी को ही दिया है।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार द्वारा विधानसभा के भीतर अपनाये गये रवैये की भी कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक सदन के अंदर राज्यसभा चुनाव पर चर्चा चाहते हैं। लेकिन उन्हें नेम करके बाहर कर दिया गया, जो कि पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। बीजेपी चर्चा से भाग रही है, इससे स्पष्ट है कि उसके मन में चोर है और उसने यह चुनाव जीतने के लिए अनैतिक और गैर लोकतांत्रिक हथकंडे अपनाए।

इस मौके पर हुड्डा ने राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए पार्टी उम्मीदवार करमवीर बौद्ध को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं बल्कि प्रदेश दलित-पिछड़े व वंचित वर्ग की जीत है। कांग्रेस ने एक आम परिवार के पार्टी वर्कर को राज्यसभा भेजकर एकबार फिर बताया है कि यह सर्वजन की भागीदारी में विश्वास रखने वाली पार्टी है।

ख़ास बात ये रही कि प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मीडिया की ऒर से क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच कांग्रेसी विधायकों के नाम लेकर बताया गया कि इनके नाम सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, क्या आप ने भी इन्हीं लोगों के नाम हाई कमांड के पास कार्यवाही के लिए भेजे हैं, ऐसे में हुड्डा ने न तो उन नामों को लेकर सहमति जताई और न ही उन नामों का खंडन ही किया।

वहीँ नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ और बलराम दांगी उन विधायकों में प्रमुख रहे, जिन्होंने क्रॉस वोटिंग करने वाले पांच कांग्रेसी विधायकों को गद्दार कहकर सम्बोधित किया।

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