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डॉ. अंबेडकर के सम्मान व योगदान पर सच्चाई सामने लाना जरूरी : अर्जुन राम मेघवाल

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विभाजन से संविधान तक बाबा साहेब के संघर्ष को याद करना देश का कर्तव्य

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिला ऐतिहासिक अधिकार- मेघवाल

संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता

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‘पंचतीर्थ‘ और स्मारकों के जरिए बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि- मेघवाल

न्यूज़म ब्यूरो

चण्डीगढ़, 14 अप्रैल। केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की भूमिका केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दी। अर्जुन राम मेघवाल ने यह बात मंगलवार को पंचकूला में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लोगों को सम्बोधित करते हुए कही।

मेघवाल ने भारत के विभाजन के समय गठित रेडक्लिफ आयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में लिए गए कई निर्णयों के कारण डॉ. अंबेडकर को भी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए संविधान सभा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित कई नेताओं का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की पहली कैबिनेट में डॉ. अंबेडकर को कानून मंत्री बनाया जाना उनके अद्वितीय ज्ञान और क्षमता का प्रमाण है। आज यह गर्व का विषय है कि देश में सामाजिक न्याय की उसी परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब से जुड़े प्रमुख स्थलों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित किया गया है, जिससे नई पीढ़ी को उनके विचारों और योगदान को समझने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया गया है, जो देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर और महात्मा ज्योतिबा फुले के विचारों में गहरी समानता थी और दोनों ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोग मानते हैं कि ‘फुले ही अंबेडकर थे,‘ जो उनके बीच की गहरी वैचारिक एकता को दर्शाता है।

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बाबासाहेब के विचारों और योगदान का सम्मान करना वर्तमान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आज जिस स्तर पर उनके सम्मान और स्मारकों का विकास किया जा रहा है, वह अभूतपूर्व है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 26 अलीपुर रोड स्थित बाबासाहेब के निवास को स्मारक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई थी। इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे एक भव्य राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित किया गया।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह अधिनियम देश की “आधी आबादी” को सशक्त बनाकर लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान देने का कार्य सबसे पहले बाबा साहेब अंबेडकर ने किया और उसके बाद वर्तमान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस दिशा में सर्वाधिक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया अनुसार बिल 2023 में पास हो चुका है, लेकिन इसे पूरी तरह लागू करने के लिए संविधान में कुछ संशोधन और परिसीमन आयोग की प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करने के लिए एक नंबर (9667173333) सांझा किया और लोगों से इस अधिनियम के समर्थन में मिस कॉल देने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसे “विकसित भारत” का निर्माण करना है, जहाँ सामाजिक न्याय, समान अवसर और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने सभी नागरिकों से बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।

 

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