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भारत 1.20 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के साथ विकास की नई शक्ति का प्रतीक : प्रो घोष

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हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस का किया शुभारंभ

हरियाणा सरकार की स्टार्टअप नीति के चलते राज्य ने 7000 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप का योगदान किया

युवाओं से रोजगार मांगने की बजाय रोजगार देने की सोच रखने का आह्वान किया

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न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 10 अप्रैल।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि आज भारत का स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार-आधारित विकास की शक्ति का प्रमाण है जिसमें 1 लाख 20 हजार से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं जिनसे 12 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने यह बात आज चंडीगढ़ स्थित हयात रिजेंसी में टाईकाॅन चंडीगढ़-2026 की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थितगण को संबोधित करते हुए कही।
उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस काॅन्फ्रेंस की सराहना करते हुए उन्होंने आयोजकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं को रोजगार मांगने की नहीं बल्कि रोजगार देने की सोच के साथ नवाचार की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। ऐसा करके हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के अनुरूप विकसित भारत बनाने के यज्ञ में अपनी आहुति डाल सकते हैं।

राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि भारत देश में विशाल मध्यम वर्ग है जिनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर यदि आधुनिक तकनीक के साथ नए प्रयोग किए जाएं तो युवा वर्ग के सामने रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में नवीन प्रयोग करने की असीम संभावनाएं हैं, क्योंकि देश में इसके लिए कच्चा माल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
राज्यपाल प्रो. घोष ने कहा कि यह खुशी और गर्व की बात है कि हरियाणा राज्य 7000 से अधिक स्टार्टअप्स के साथ एक महत्वपूर्ण योगदान कर्ता के रूप में उभरा है। उन्होंने हरियाणा की स्टार्टअप नीति की सराहना करते हुए इसे उद्यमियों के अनुकूल बताया।

प्रो. घोष ने कहा कि हरियाणा के गुरुग्राम ने खुद को एक वैश्विक स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित कर लिया है। उन्होंने कहा कि टाईकाॅन चंडीगढ़ उत्तर भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बहुत उत्साहजनक है कि पंचकूला एक उभरते हुए विकास केंद्र के रूप में सामने आ रहा है। अपनी सुनियोजित अवसंरचना, रणनीतिक कनेक्टिविटी और चंडीगढ़ के निकट होने के कारण, पंचकूला अगली पीढ़ी के स्टार्टअप्स, आईटी कंपनियों और नवाचार-आधारित निवेश को आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि टाई चंडीगढ़ 23 देशों में फैले 67 से अधिक चैप्टर्स वाले वैश्विक टाई नेटवर्क का हिस्सा है और यह सबसे सक्रिय और प्रभावशाली इकाइयों में से एक है। 450 से अधिक चार्टर सदस्यों और उद्यमियों के मजबूत समुदाय के साथ, इसने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और अन्य क्षेत्रों में सैकड़ों स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रम, टाई वुमैन, टाई यूनिवर्सिटी और टाई यंग एंटरप्रोन्योर सभी स्तरों पर प्रतिभा को विकसित कर रहे हैं जो हर वर्ष 300 से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ते हुए भविष्य के उद्यमियों की मजबूत आधारशिला तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने खुशी जताई कि टाई चंडीगढ़-2026 में 2000 से अधिक प्रतिनिधि, 50 से अधिक निवेशक, 80 से अधिक वक्ता और 50 से अधिक स्टार्टअप्स शामिल हैं, उन्होंने इसे पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार और ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के स्वप्न को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम सहयोग, नवाचार और समावेशन के माध्यम से इस पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत बनाते रहें।

इस अवसर पर लेडी गवर्नर मित्रा घोष, टाई चंडीगढ़ के अध्यक्ष पुनीत वर्मा, पूर्व अध्यक्ष मुरली बुक्कापटनम, ब्रह्म अलरेजा, रवि शर्मा, विशाल केडिया, सुमेध सचदेव, आशु शर्मा, ऋतिका सिंह, पूजा नायर, जेबी सिंह, अजय तिवारी, हिरदेश मदान, सतीश के. अरोड़ा व हरित मोहन सहित अनेक व्यक्ति उपस्थित थे।
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