Listen to this article
रोहित धनखड़ को न्याय तक चैन नहीं”, रोहतक जाट भवन में 36 बिरादरी सर्वखाप महापंचायत का एलान
रोहित की शहादत पर सर्वखाप एकजुट, माँ को नौकरी और एक करोड़ मुआवजे की मांग
तीन आरोपी गिरफ्तार, लेकिन 18–20 अब भी फरार – खाप पंचायत ने बनाई 11 सदस्यीय कमेटी
17–18 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल – न्याय नहीं मिला तो देशव्यापी आंदोलन
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की हत्या पर खामोशी नहीं – 36 बिरादरी ने भरी हुंकार
सरकार तक पहुंचेगा समाज का दर्द, रोहित धनखड़ को इंसाफ दिलाकर ही रुकेगी खाप पंचायत
रोहतक, 13 दिसंबर : रोहतक के जाट भवन में शनिवार दिनांक 13 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय धनखड़ खाप के आह्वान पर 36 बिरादरी सर्वखाप महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य भिवानी में अंतरराष्ट्रीय बॉडीबिल्डर एवं छह बार के राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता रोहित धनखड़ की नृशंस हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एक संगठित, सामाजिक और संवैधानिक रणनीति तय करना था। परंपरा अनुसार, महापंचायत की शुरुआत सर्वसम्मति से अध्यक्ष की घोषणा के साथ की गई, जिसमें ऑल इंडिया हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा को महापंचायत का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उनकी अध्यक्षता में पूरी महापंचायत की कार्यवाही विधिवत और अनुशासित ढंग से संचालित हुई।
इस महापंचायत में देश के विभिन्न राज्यों से धनखड़ खाप, अन्य खापों, समाजसेवी संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंच पर प्रमुख रूप से रणबीर धनखड़ (ऑल इंडिया धनखड़ खाप प्रधान), आनंद सिंह धनखड़ (दिल्ली धनखड़ खाप प्रदेश अध्यक्ष), जगबीर सिंह धनखड़ (उत्तर प्रदेश धनखड़ खाप प्रधान, बुलंदशहर), समंदर सिंह धनखड़ (हरियाणा धनखड़ खाप प्रधान), शमशेर धनखड़ (12 धनखड़ खाप प्रधान), ओमप्रकाश हुड्डा (ऑल इंडिया हुड्डा खाप प्रधान), कृष्ण लाल हुड्डा (प्रवक्ता, ऑल इंडिया हुड्डा खाप), ओमप्रकाश नांदल (हरियाणा नांदल खाप प्रधान), एडवोकेट चंचल नांदल (अध्यक्ष, लोकहित संस्था), हर्ष छिकारा (समाजसेवी), प्रदीप हुड्डा (किसान नेता), सुमित सरपंच मकडोली, कृष्ण धनखड़ (पूर्व सरपंच, बखेता), अशोक धनखड़ (ओलंपियन सुशील कुमार द्वारा हत्या किए गए सागर धनखड़ के पिता), वेद प्रकाश बराहन (पूर्व सरपंच), रामकिशन मलिक (प्रधान, तपा महम), शर्मिला धनखड़ (सरपंच, हुमायूंपुर), बबलू (पूर्व सरपंच, हुमायूंपुर), संदीप धनखड़ (पूर्व सरपंच हुमायूंपुर), देवेंद्र गौतम (समाजसेवी, सोनीपत), मोहित मलिक (पहलवान मेहर सिंह के पुत्र), एडवोकेट गुरु प्रसाद हुड्डा (चमरिया), विकास धनखड़ (हुमायूंपुर), आनंद दहिया (प्रधान, सोनीपत), आनंद घणघस (राष्ट्रीय अध्यक्ष, स्वर कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इंडिया), सूरजभान खोखर (अध्यक्ष, समाज कल्याण मंच हरियाणा), रामकिशन पावरिया (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय जाट महासभा भारत – हरियाणा), विक्की धनखड़ (सरपंच प्रतिनिधि, हुमायूंपुर), वेद प्रकाश धनखड़, मीर सिंह धनखड़ (पूर्व सरपंच), मेहर सिंह (पूर्व सरपंच, खुबडू), धर्मपाल (पूर्व सरपंच, नया बास), अजय धनखड़ (बुलंदशहर), वीरेंद्र सिंह धनखड़ (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष), सतीश धनखड़, मोहित धनखड़, छात्र नेता दीपक धनखड़ सहित अनेक गणमान्य लोग मंच पर उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने अपने-अपने विचार रखते हुए यह स्पष्ट किया कि रोहित धनखड़ की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि समाज के मूल्यों, महिला सम्मान और खेल जगत की प्रतिष्ठा पर हमला है।

महापंचायत में सर्वसम्मति से यह विश्वास व्यक्त किया गया कि हरियाणा के डीजीपी द्वारा दिए गए समय 16 दिसंबर 2025 के भीतर पुलिस प्रशासन सभी 18–20 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करेगा। पंचायत के मंच से यह भी बताया गया कि आज तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो शेष आरोपियों तक पहुँचने में एक नई दिशा प्रदान करेगी, लेकिन इसके बावजूद समाज की अपेक्षा है कि शेष सभी आरोपी भी तय समय में सलाखों के पीछे हों। खाप पंचायत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब तक समय बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी खुले घूम रहे हैं, जो न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
आज आयोजित सर्वखाप महापंचायत में सर्वसम्मति से 11 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया गया, जो रोहित धनखड़ को न्याय मिलने तक सरकार, प्रशासन, पंचायत और समाज के बीच सेतु की भूमिका निभाएगी तथा समय-समय पर जनता को मामले की प्रगति से अवगत कराएगी। इस समिति में रणबीर धनखड़ (ऑल इंडिया धनखड़ खाप प्रधान), समंदर सिंह धनखड़ (हरियाणा धनखड़ खाप प्रधान), संदीप धनखड़ (पूर्व सरपंच, हुमायूंपुर), दीपक धनखड़ (छात्र नेता, हुमायूंपुर), सतीश धनखड़ (रोहित धनखड़ के चाचा), बबलू (पूर्व सरपंच, हुमायूंपुर), सुरेंद्र दहिया (पूर्व प्रधान, दहिया खाप), कृष्णा धनखड़ (पूर्व सरपंच, बखेता), एडवोकेट चंचल नांदल (समाजसेवी), कृष्ण लाल हुड्डा (प्रवक्ता, ऑल इंडिया हुड्डा खाप) तथा सूबेदार दिलबाग सिंह (गांव हुमायूंपुर) को शामिल किया गया है। यह समिति न्याय की प्रक्रिया पर निरंतर निगरानी रखेगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई होने पर समाज और प्रशासन के समक्ष तथ्यात्मक स्थिति प्रस्तुत करेगी।

महापंचायत में चार प्रमुख निर्णय लिए गए…
पहला निर्णय यह है कि यदि 16 दिसंबर 2025 तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होते, तो खाप पंचायत सरकार और प्रशासन से मिलकर यह मांग करेगी कि भिवानी में चल रहे मुकदमे को किसी अन्य जिले में स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष और दबाव-मुक्त जांच सुनिश्चित हो सके।
दूसरा निर्णय यह लिया गया कि इसी स्थिति में सर्वखाप महापंचायत द्वारा गठित 11 सदस्यीय कमेटी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से 17 या 18 दिसंबर को मुलाकात कर सीधे न्याय की मांग रखेगी।
तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि रोहित धनखड़ अपनी विधवा माँ का इकलौता बेटा था, एक उभरता हुआ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी था और उसकी हत्या ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है, इसलिए सरकार से यह मांग की जाती है कि पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
चौथा निर्णय यह रहा कि यदि मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होती और आरोपी खुले घूमते रहते हैं, तो 36 बिरादरी की सर्वखाप महापंचायत देशभर के हजारों लोगों के साथ सरकार को बड़ा निर्णय लेने पर मजबूर होगी।
महापंचायत में हजारों की संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा है, लेकिन यह भरोसा परिणामों से ही कायम रहेगा। समाज का मानना है कि रोहित धनखड़ ने भिवानी में अपने दोस्त के साथ शादी में जाकर केवल महिलाओं के सम्मान की रक्षा करते हुए हुड़दंग कर रहे युवकों को टोका था, और इसी नैतिक साहस की कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
अंत में महापंचायत ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह संघर्ष किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और कानून के राज के पक्ष में है। समाज और खाप पंचायत प्रशासन को हर स्तर पर सहयोग देने को तैयार है, लेकिन यदि न्याय में देरी हुई तो समाज चुप नहीं बैठेगा। रोहित धनखड़ अब लौटकर नहीं आ सकता, लेकिन यदि उसके हत्यारों को सख्त सजा मिली, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश होगा कि इस देश में सच, साहस और सम्मान की हत्या करने वालों को बख्शा नहीं जाता।
What are your
Feelings