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HERC अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा पंचतत्व में विलीन

विद्युत क्षेत्र ने खोया दूरदर्शी नेतृत्व, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 23 जुलाई। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा का गुरुवार तड़के निधन हो गया। उनके निधन से पूरे विद्युत क्षेत्र, प्रशासनिक जगत तथा उनके चाहने वालों में गहरा शोक व्याप्त है। गुरुवार दोपहर बाद मनीमाजरा श्मशान घाट में पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों, वरिष्ठ अधिकारियों, विद्युत क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों तथा शुभचिंतकों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 

नन्द लाल शर्मा ने 2 फरवरी, 2024 को हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण की थी। इससे पूर्व वे एसजेवीएन लिमिटेड (SJVNL) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के ढोहक गांव के निवासी शर्मा अपनी प्रशासनिक दक्षता, सादगी और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए जाने जाते थे। एसजेवीएनएल में उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी ने ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और उन्होंने संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को शर्मा नई दिल्ली में विद्युत क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेकर पंचकूला स्थित अपने आवास लौटे थे। उसी रात उन्हें अचानक ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके बाद उन्हें तत्काल पंचकूला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए लगातार प्रयास किए और परिजनों ने भी हरसंभव कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान 23 जुलाई को तड़के लगभग 1:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
 
उनके निधन का समाचार मिलते ही हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग, एसजेवीएनएल तथा उनके पैतृक गांव ढोहक (जिला ऊना) सहित पूरे विद्युत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गुरुवार सुबह आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग, सदस्य शिव कुमार, सचिव प्रशांत देष्टा सहित आयोग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आयोग के कोर्ट रूम में आयोजित शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके असामयिक निधन को विद्युत क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
 
दोपहर बाद पंचकूला के सेक्टर-8 स्थित उनके आवास से उनकी अंतिम यात्रा आरंभ हुई। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, न्यायपालिका, प्रशासनिक सेवा तथा विद्युत क्षेत्र से जुड़े लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मनीमाजरा श्मशान घाट में उनके पुत्र अभिनव शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। शर्मा अपने पीछे पत्नी ललिता शर्मा, पुत्र अभिनव शर्मा, पुत्री अदिति शर्मा तथा दामाद वासु डोगर (IFS) सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
 
एसजेवीएनएल में उनके योगदान को याद करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में संगठन के विस्तार और विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। यही कारण रहा कि उनकी अंतिम यात्रा में एसजेवीएनएल के वर्तमान एवं पूर्व अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या उपस्थित रही।
 
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। अंतिम संस्कार में  हरियाणा विद्युत विभाग की प्रधान सचिव आशिमा बराड़, पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एच.एस. भल्ला, पंजाब राज्य विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष संजय गुप्ता, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल चन्द्रशेखर, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राम कुमार गौतम, अश्विनी शर्मा, पंकज राय, यूएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह, एसजेवीएनएल की पूर्व सीएमडी गीता कपूर, ललित जैन, पूर्व विद्युत मंत्री प्रो. सम्पत सिंह, एचईआरसी के पूर्व अध्यक्ष जगजीत सिंह सहित अनेक व्यक्तियों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
नन्द लाल शर्मा का निधन केवल हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय विद्युत क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका सरल व्यक्तित्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, दूरदर्शी सोच और ऊर्जा क्षेत्र के विकास के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके नेतृत्व, कार्यशैली और योगदान को लंबे समय तक सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा।

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