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75 प्रतिशत स्नातक छात्राएं होना उच्च शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण : राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया

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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को सराहा

 

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चंडीगढ़, 13 दिसंबर : पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के 73वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की और दीक्षांत संबोधन दिया। इस अवसर पर वर्ष 2025 में परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां, पदक एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

समारोह के दौरान प्रो. के.एन. पाठक और डॉ. विजय पी. भटकर को डॉक्टर ऑफ साइंस (मानद उपाधि) तथा न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल को डॉक्टर ऑफ लॉज की मानद उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा पीयू विज्ञान रत्न पुरस्कार प्रो. प्रदीप थलप्पिल को, पीयू खेल रत्न पुरस्कार सरबजोत सिंह को और पीयू साहित्य रत्न पुरस्कार अमरजीत ग्रेवाल को प्रदान किया गया। 

 

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्नातक विद्यार्थियों और पुरस्कार विजेताओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज लगभग 75 प्रतिशत स्नातक छात्राएं होना उच्च शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सहभागिता बढ़ाने के विजन से भी जोड़ा।

 

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राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में पंजाब विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान है और इसमें वैश्विक स्तर की अग्रणी संस्था बनने की पूरी क्षमता है।

 

उन्होंने विश्वविद्यालय के गौरवशाली पूर्व छात्रों , पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और आई.के. गुजराल, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा, ओलंपियन नीरज चोपड़ा, क्रिकेटर कपिल देव, नोबेल पुरस्कार विजेता हरगोविंद खोराणा, अभिनेता अनुपम खेर और किरण खेर तथा पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

 

राज्यपाल ने 350 पीएचडी डिग्रियों के प्रदान किए जाने को छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अपने शैक्षणिक और अनुसंधान प्रोफाइल को लगातार सुदृढ़ कर रहा है।

 

उन्होंने 33 पेटेंट, प्रमुख शोध अनुदान, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगों के विस्तार, मजबूत पूर्व छात्र सहयोग और खेलो इंडिया 2025 में विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया।

 

दीक्षांत समारोह की शुरुआत स्वर्ण पदक विजेताओं के सामूहिक फोटो सत्र से हुई, जिसके बाद गणमान्य अतिथियों द्वारा शैक्षणिक परिधान धारण कर कुलपति प्रो. रेनू विग के नेतृत्व में मुख्य स्टेज पर आए।

 

समारोह में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. योजना रावत, पीयू रजिस्ट्रार प्रो. वाई.पी. वर्मा, पूर्व कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, सत्यपाल जैन सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण, छात्र एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।

 

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